भड़ल में लोगों को समझाती एसपी पूनम।
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बागपत। आर्यन का अपहरण और हत्या की वारदात रंजिश में अंजाम दी गई। पुलिस का दावा है कि मामला डायवर्ट करने के लिए ही डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। रविंद्र के कारोबार से लेकर उससे रंजिश रखने वाले लोगों की पुलिस ने रड़ार पर लेकर जांच शुरू कर दी है।
मंगलवार को आर्यन का शव मिलने के बाद पुलिस को चूक का अहसास हुआ। पुलिस का कहना है कि बच्चे का शव करीब तीन दिन पुराना है। आशंका यह है कि अपहरण के बाद 28 जुलाई को या फिर 29 जुलाई को ही उसकी हत्या कर दी गई थी। अपहरण के बाद डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का मकसद केवल पुलिस को भटकाना था। पुलिस अपहरणकर्ताओं की तलाश करती रही। मास्टर माइंड के जाल में पुलिस उलझी रही।
जहां भी सूचना मिलती, वहीं पुलिस दौड़ पड़ती। पुलिस पहले दिन से रविंद्र की मासिक आमदनी का हिसाब किताब जोड़ रही थी, जिससे साबित होता है कि वह डेढ़ करोड़ रुपये देने की हैसियत का आदमी नहीं है। ऐसे में जाहिर है कि केवल पुलिस को गुमराह करने के लिए ही मामले को घुमाया गया है।
एसपी पूनम का कहना है कि शव पुराना है। अब तक की जांच से यह लग रहा है कि वारदात रंजिश में अंजाम दी गई है। भड़ल चौकी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। वर्कआउट करने के लिए तीन दिन का समय एसओ को दिया गया है।