हरियाणा और दिल्ली के बाद महिलाओं की चोटी कटने के मामले तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। जिले में रविवार को किशोरी समेत चोटी कटने के चार मामले सामने आए हैं। खेकड़ा, बड़ौत और बरनावा में चोटी कटी मिलीं। बड़ौत में सिर से चोटी गायब देख दो महिलाओं की हालत बिगड़ गई। बेसुध हालत में उन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
बड़ौत के गुराना रोड़ स्थित परचून की दुकान पर प्रमोद जैन की पत्नी ऊषा जैन रविवार दोपहर बैठी हुई थी। अचानक उषा जैन ने आवाज लगाई कि उसके सिर में दर्द हो रहा है। प्रमोद जैन वहां पर पहुंचे, तो उनको पत्नी उषा की चोटी कटी मिली। तभी ऊषा बेहोश हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की।
बिनौली क्षेत्र के बरनावा गांव में नसरीन पत्नी हारूण शनिवार रात अपने तीन बच्चों के साथ सोई थी। रविवार सुबह उठी तो उसकी चोटी कटी मिली। उसने जानकारी परिजनों को दी और बेहोश हो गई। खेकड़ा के अहीरान मोहल्ला निवासी महिला साधना पत्नी मनोज, रविवार दोपहर मकान की छत पर बने कमरे में आराम कर रही थी।
अचानक उसको झटका लगा और बेहोश हो गई। परिजन कमरे में पहुंचे तो उनको साधना की चोटी कटी मिली। परिजनों के मुताबिक साधना के पति की दो सप्ताह पूर्व मौत हो गई थी। तभी से साधना तनाव में रहती है।
इसके अलावा कस्बा के ही मुमताज का परिवार शनिवार रात मकान में सोया हुआ था। रविवार सुबह उठे तो उनको 13 वर्षीय बेटी साजिया की चोटी कटी हुई मिली। सीओ संजीव सुमन का कहना है कि सिर्फ अफवाह हैं। अगर कहीं वास्तव में ऐसा हुआ तो पीड़ित लिखकर दें कार्रवाई की जाएगी।
दरवाजों पर लटकाई नीम की टहनियां
बागपत। अंधविश्वास के चलते लोगों ने टोटके शुरू कर दिए हैं। शहर से लेकर गांव तक भ्रम में फंसे लोगों के घरों पर नीम की टहनियां लटकी हैं। खेकड़ा कस्बा में दर्जनों मकान के गेट पर नीम की टहनी आदि लटके हैं।
अंधविश्वास से दूर रहें अफवाह न फैलाएं
बागपत। चोटी कटने के मामलों से महिलाएं दहशत में आ गई है। उधर, शिक्षित वर्ग का कहना है कि यह सिर्फ अंधविश्वास और भ्रम है। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। जनता वैदिक डिग्री कॉलेज बड़ौत के पूर्व प्राचार्य डॉ नरेंद्र सिंह कहते हैं कि विज्ञान के युग में इस तरह की बात बेमायने हैं। इस तरह चोटी कभी नहीं कट सकती है। युवा वर्ग लोगों को जागरूक करें। महिला सुनीता देवी, रेखा और पुष्पा का कहना है कि यह सब अंधविश्वास है।