बागपत। गौना गांव में पट्टे की भूमि में रोपाई गई धान की फसल की अवैध रूप से खेकड़ा एसडीएम द्वारा जुताई कराने का आरोप लगा पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेकर इस मामले में एसडीएम को तीन अगस्त तक आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए है।
गौना गांव के दलित गजराज सिंह ने कोर्ट को बताया उनको काफी समय पहले पट्टा आवंटित हुआ था। उन्होंने पट्टे की भूमि में धान की रोपाई कर रखी है। गांव का एक व्यक्ति भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करना चाहता है। आरोप है कि खेकड़ा एसडीएम ने आरोपी से मिलकर एक सप्ताह पहले बगैर जानकारी दिए धान की फसल की ट्रैक्टर से जुताई करा दी। पता चलने पर घटना की अफसरों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में उसने कोर्ट की शरण ली।
सीजेएम कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया। अधिवक्ता विनीत कुमार यादव ने जानकारी दी कि इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने एसडीएम से कई बिंदुओं पर आख्या मांगी। पूछा गया कि भूमि पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई की गई तो किस न्यायिक या प्रशासनिक आदेश के तहत की। क्या धारा 41 उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश अधिनियम के अंतर्गत सीमांकन की कार्रवाई की गई। क्या पुलिस बल जैसे डेढ़ सेक्शन पीएसी व महिला पुलिस बल का उल्लेख किया है। इसके संबंध में किसी पक्षकार द्वारा पुलिस बल का पैसा जमा कराया गया था। अधिवक्ता के मुताबिक कोर्ट ने एसडीएम को तीन अगस्त तक आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए है।