बागपत । गाजियाबाद जेल में बंद भोला उर्फ राजवीर लूट के केस में 12 साल बाद कोर्ट से दोषमुक्त हुआ है। इससे पहले आरोपी अग्रवाल मंडी टटीरी के चौहरे हत्याकांड में भी बरी हो चुका है।
बसौद निवासी पशु व्यापारी महबूब अपने साथी शकील के साथ 15 जून 2005 को मीतली से अपने गांव जा रहे थे। रास्ते में उनसे बाइक सवार तीन बदमाशों ने तमंचे की बट से मारपीट कर 10 हजार सात सौ रुपये लूट लिए थे। कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
अधिवक्ता नरेंद्र पंवार बली ने बताया इस केस में बली गांव के सोनू, गाजियाबाद के रिसतल निवासी सूबे और जावली निवासी भोला उर्फ राजवीर जेल गए थे। यह केस सीजेएम मुकेश कुमार सिंह की कोर्ट में चल रहा था। गवाहों ने कोर्ट में भोला उर्फ राजवीर को वारदात में शामिल होने से इंकार किया।
कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी भोला को दोषमुक्त किया। इस केस के दो आरोपी पहले ही साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त हो चुके हैं। उधर, रंगदारी न देने पर अग्रवाल मंडी टटीरी में 10 दिसंबर 2008 में व्यापारी किशन चंद, ब्रजमोहन, सुमंत गोयल और संजय की हत्या की थी। इस केस में भोला वर्ष 2012 में दोषमुक्त हो गया था।