बागपत । सहारनपुर में सिपाही ललित की हत्या के बाद नंगला जाफराबाद में गम का माहौल है। पांच भाइयों में सबसे छोटे ललित का शव देर शाम यहां लाकर अंतिम संस्कार किया। उधर, आरोपी महिला सिपाही के गांव में भी दिनभर यह वारदात चर्चा का विषय बनी रही।
नंगला जाफराबाद के किसान नत्थन सिंह के पांच बेटों में सबसे छोटा था ललित। भाकियू के जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर की भतीजी के साथ उसका रिश्ता हुआ। पत्नी गांव में ही अपनी सास माया देवी के साथ रहती है। सोमवार की रात में परिवार को जानकारी मिली ललित की तबीयत खराब हो गई है, कुछ देर बाद ही उसकी मौत की खबर मिली। पहले आत्महत्या बताई। परिजन रात में ही सहारनपुर के लिए रवाना हो गए।
प्रताप गुर्जर बताते हैं पुलिस पर दबाव बनाकर जांच कराई तो मामला हत्या का निकला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हुई। महिला सिपाही रश्मि की भूमिका संदिग्ध है। वह खुद बागपत के बाघू गांव की रहने वाली है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद नंगला लाया गया, यहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। उधर, बाघू गांव में भी दिनभर मामला चर्चा का विषय बना रहा।
बाघू गांव में है दो भाइयों की ससुराल
मृतक ललित के भाई संजय और अजय की ससुराल असलियत में बाघू गांव में ही है। इस वजह से उसका बाघू गांव में भी आना जाना लगा रहता था। रामपुर से सहारनपुर पोस्टिंग हुई तो उसकी जान पहचान रश्मि से हो गई, क्योंकि दोनों का जिला एक था और ललित के भाई की ससुराल बाघू में थी, इसलिए दोनों जल्दी घुल मिल गए।
छुट्टी ली तो घर क्यों नहीं आई
ललित के परिवार के अनुसार आरोपी महिला सिपाही ने दो दिन पहले ही अपनी शादी के लिए डेढ़ माह की छुट्टी ली थी, इसके बावजूद वह अपने घर नहीं पहुंची। पुलिस ने इसकी जांच करना भी मुनासिब नहीं समझा। मृतक के भाई राजीव को पहली कॉल भी रश्मि ने ही की थी। पीड़ित पक्ष ने कहा पुलिस ने लापरवाही बरती है।