बागपत। पचास हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर अजीत उर्फ हप्पू को पकड़ने में अभी तक पुलिस नाकाम साबित हुई है। जबकि उसकी हर बार बावली के जंगल में ही लोकेशन मिलती है। पुलिस अफसरों को गोपनीय रूप से पता चल रहा है कि हप्पू सफेदपोश के संपर्क में है। अधिकारी इसको तस्दीक करने में लगे हैं।
अजीत उर्फ हप्पू बावली गांव का रहने वाला है और बड़ौत कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है। उसने वर्ष 2015 में अपने गांव में ही एक मकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इसमें दो लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी। एक युवक गोली से घायल हो गया था। इस केस में ही उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ । उसके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। उसके नाम से कारोबारियों से रंगदारी मांगी जा रहा है। कभी ईंट भट्ठा व्यापारियों से तो कभी अन्य उद्यमियों से रंगदारी मांगी जा रही है। इतना ही नहीं दूसरे जनपदों में के व्यापारी से भी रंगदारी मांगी जा चुकी है। डेढ़ माह पूर्व हप्पू के नाम से नोएडा के एक फैक्ट्री मालिक से रंगदारी मांगी गई। इसी कारण हप्पू दूसरे जनपदों की पुलिस के निशाने पर भी है। बागपत के अलावा मेरठ और नोएडा एसटीएम उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में है। कई बार दबिश दे चुकी है ,लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस को हर बार उसकी बावली के जंगल में ही लोकेशन मिलती है, जब तक पुलिस वहां पर पहुंचती है हप्पू फरार हो जाता है। पिछले दिनों उसने बावली के जंगल से ही बड़ौत में दूध व्यापारी से रंगदारी मांगी थी। बाद में उसके साथी ने जेल से व्यापारी के पास रुपये के लिए फोन किया था। पुलिस को जानकारी मिल रही है कि हप्पू का सफेदपोशों के संपर्क में है। एएसपी अजय कुमार सिंह का कहना है कि इस तरह की जानकारी मिल रही है। उसे पकड़ने के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
हप्पू के साथियों पर भी शिकंजा कस रही पुलिस
बागपत। हप्पू के साथियों पर भी पुलिस शिकंजा कस रही है। बड़ौत के व्यापारी से रुपये वसूलने की फिराक में उसका एक साथी घूम रहा था। पुलिस ने उसको पकड़कर जेल भेजा।