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बिजिलेंस की टीम ने रिश्वत लेते लेखपाल को पकड़ा

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खेकड़ा (बागपत)। विजिलेंस की टीम ने सोमवार को खेकड़ा तहसील में रिटायर डाक कर्मी से 40 हजार रुपये रिश्वत लेते लेखपाल को पकड़ लिया। टीम आरोपी लेखपाल को मौके से गिरफ्तार कर खेकड़ा थाना में लाई। इस कार्रवाई से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी लेखपाल ने खेत की चकरोड की पैमाइश करने और जमीन का बटवारा करने के नाम पर रिश्वत ली । उधर, आरोपी लेखपाल ने कहा उसे साजिश के तहत फंसाया है।
बसी गांव निवासी राजवीर सिंह ने बताया कि वह डाक विभाग में एलएससी सुपरवाइजर के पद से रिटायर है। वर्तमान में गांव में रहकर खेती करता है। उसने अपनी पैतृक जमीन के बटवारे के लिए उपजिलाधिकारी खेकड़ा की कोर्ट में वाद दायर किया । एसडीएम ने 16 जुलाई 2016 को बटवारा करने के आदेश कर दिए । हल्का लेखपाल सुखपाल सिंह ने भूमि की पैमाईश कर बटवारा करने के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग की। इसके अलावा खेत से गुजर रही चकरोड पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। उसको कब्जा मुक्त कराने के लिए खेकड़ा तहसील में प्रार्थना पत्र दिया । इस पर सुनवाई कर तहसीलदार ने 22 नवंबर 2017 को लेखपाल सुखपाल सिंह को पैमाइश करने के निर्देश दिए । इसके लिए उसने 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। दोनों काम के लिए लेखपाल ने 40 हजार रुपये की मांग की। इसकी शिकायत उसने मेरठ विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। विजिलेंस की टीम ने खेकड़ा तहसील में सोमवार को पहुंचकर आरोपी लेखपाल सुखपाल सिंह को राजवीर से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ लिया। इससे तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई। एसपी जय प्रकाश ने कहा बिजिलेंस की टीम ने लेखपाल को खेकड़ा तहसील में रिश्वत लेते पकड़ा है।
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उधर आरोपी लेखपाल सुखपाल ने कहा उसको रिश्वत लेेने के केस में साजिश के तहत फंसाया गया है। आरोपी मेरठ के कंकरखेड़ा में परिवार सहित रहता है।

तीन साल पहले पकड़ा गया था शस्त्र लिपिक
बागपत। रिश्वत लेते हुए विजिलेंस की टीम द्वारा पकड़ने जाने का जिला बागपत में यह पहला मामला नहीं है। करीब तीन साल पहले तत्कालीन असलाह बाबू रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। उससे पहले भी एक कर्मचारी रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा जा चुका है। इतना कुछ होने के बाद भी कर्मचारी रिश्वत लेने से बाज नहीं आ रहे है।
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