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जेल में बंद दरोगा ने चिकित्सक को दी धमकी

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बागपत। पश्चिम यूपी के चर्चित सांकरौद प्रकरण में जेल में बंद सेवानिवृत्त दरोगा इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचा। डॉक्टर से खुद को दिल्ली रेफर करने के लिए कहा। डॉक्टर ने मना किया तो दरोगा ने डॉ. राजेश कुमार को जान से मारने की धमकी दे दी। चिकित्सक ने सीएमओ और डिप्टी जेलर से मामले की शिकायत की। धमकी के बाद चिकित्सक भयभीत है। डॉक्टर ने कहा वह जेल की विजिट पर भी नहीं जाना चाहते।
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जिला अस्पताल में तैनात डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जिला कारागार से बंदी सेवानिवृत्त दरोगा बिजेंद्र, हरिदत्त और अर्जुन को पुलिस इलाज के लिए लेकर आई । रिटायर्ड दरोगा ने खुद को दिल्ली रेफर करने के लिए दबाव बनाया। डॉक्टर ने कहा उसे पांच दिन तक इलाज कराने के बाद रेफर करने पर फैसला किया जाएगा। आरोप है कि बंदी ने धमकी दी कि यदि उसे दिल्ली रेफर नहीं किया तो इसका अंजाम बुरा होगा। इस धमकी के बाद चिकित्सक भयभीत हो गया। उसने सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा व डिप्टी जेलर से मामले की शिकायत की। उन्होंने बताया कि जेल में डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद महीने के दूसरे और चौथे बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल से चिकित्सकों को जेल में मरीजों का इलाज कराने के लिए जाना पड़ता है। इसी दौरान यदि चिकित्सक के साथ कोई घटना हो जाए, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। उन्होंने जेल में इलाज के लिए जाने से इनकार कर दिया। डीएम से शिकायत की जाएगी। इस संबंध में सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि चिकित्सक को धमकी देने की शिकायत मिली है। जेल प्रशासन को मामले से अवगत कराया गया है। पुलिस अधिकारियों को भी जानकारी दी जा रही है।

जेल से भाग सकता है बंदी बिजेंद्र
बागपत। डॉ. राजेश कुमार ने आशंका जताई है कि बंदी बिजेंद्र गंभीर बीमार नहीं है। उसकी मंशा कुछ और ही लग रही है। ऐसा लग रहा है कि पूर्व विधायक रामबीर शौकीन की तरह वह भी पुलिस कस्टडी से भागना चाहता है।
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बजरंगी मारा गया तो डॉक्टर पर भी हो सकता है हमला
बागपत। डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि जब जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या हो सकता है, तो डॉक्टर को भी खतरा है। उन्हें पहले भी बंदियों ने धमकी दी है। इस विषय में वह बार-बार स्वास्थ्य अधिकारियों और पुलिस को अवगत करा चुके हैं।

सांकरौद प्रकरण और बिजेंद्र
बागपत। चर्चित सांकरौद प्रकरण के दौरान दरोगा बिजेंद्र सिंह बागपत में तैनात थे। दलित युवक को डोडा में जेल भेजने के मामले में चल रही जांच में दरोगा को पुलिस जांच में दोषी पाया गया। रिटायरमेंट के बाद बिजेंद्र को जेल जाना पड़ा था।
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