बागपत। मलकपुर गांव में 12 साल पहले हुए खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों से महिला समेत तीन लोगों की हत्या के मामले में आठ आरोपी दोषमुक्त हो गए। एडीजे स्पेशल मनु कालिया ने फैसला सुनाया। दोनों पक्षों की रंजिश में खून-खराबा हुआ था।
मलकपुर गांव के जंगल में खेत की नाली के विवाद में 21 अप्रैल 2005 को धर्मेंद्र और हरवीर पक्ष के बीच झगड़ा हो गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर फायरिंग की और धारदार हथियार से हमला बोल दिया था। संघर्ष में एक पक्ष के धर्मेंद्र और बाला देवी, जबकि दूसरे पक्ष के हरवीर की मौत हो गई थी। दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया। पूर्व जिला बार संघ अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर एडवोकेट ने बताया कि प्रकरण की सुनवाई एडीजे स्पेशल मनु कालिया ने की। बुधवार को दोनों पक्षों के आठ आरोपी दोषमुक्त हो गए। इनमें धर्मेंद्र पक्ष का पानवीर और ओमवीर दोषमुक्त हुआ, जबकि आरोपी नीटू का प्रकरण किशोर न्यायालय में चल रहा है। दूसरे पक्ष के महावीर, पवन, सहेंद्र, सत्यवीर, सुरेंद्र, हरवीरी साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त हो गए। रंजिश में कई सालों तक तनाव रहा। फैसले के वक्त दोनों पक्षों के लोग अदालत के बाहर मौजूद रहे। खेत में पानी चलाने को लेकर गांव से करीब चार किमी दूर यह खूनी संघर्ष हुआ था। इसके बाद में कई वारदातें हुई।