बागपत। जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के करीब 30 घंटे बाद एडीजी जेल चंद्रप्रकाश बागपत जेल पहुंचे। जेल में घटनास्थल का निरीक्षण किया। हत्यारोपी सजायाफ्ता सुनील राठी से लंबी पूछताछ की। निलंबित किए गए जेलर से जानकारी ली। एडीजी जेल में करीब पांच घंटे तक रहे। उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सोमवार सुबह करीब सवा छह बजे बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या की। यूपी के सबसे बड़े डॉन की हत्या की जांच के लिए एडीजी जेल चंद्रप्रकाश मंगलवार दोपहर 30 घंटे बाद करीब 12 बजकर 30 मिनट पर बागपत जेल पहुंचे। एडीजी ने जेल में घटनास्थल का निरीक्षण किया। तन्हाई बैरक देखी और जेल में सुरक्षा के इंतजाम की जांच भी की। हत्यारोपी सुनील राठी से लंबी पूछताछ की, इस दौरान राठी अपने पुराने बयान पर ही अडिग रहा। एडीजी ने सस्पेंड जेलर यूपी सिंह से भी जानकारी ली। जेल की सुरक्षा व्यवस्था और समस्याओं की बाबत जाना। इस दौरान एसपी जयप्रकाश और सीओ खेकड़ा वंदना शर्मा भी मौजूद रहीं। करीब पांच घंटे की छानबीन के बाद एडीजी जेल ने कहा कि जेल में जल्द ही सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे। कार्यदायी संस्था को आदेश दे दिए हैं। मामले की जांच की जा रही है। पिस्टल जेल में कैसे पहुंचा और सुनील राठी ने बजरंगी की हत्या क्यों की। इसकी जांच भी चल रही है। लापरवाही पर कार्रवाई की गई है।
बागपत जेल में ही डटे हैं डीआईजी
बागपत। आगरा रेंज के डीआईजी संजीव त्रिपाठी विभागीय जांच कर रहे हैं। वह बागपत जेल में कैंप किए हैं। एडीजी ने बताया कि हर परिस्थिति पर नजर रखी जा रही है। ब्यूरो
जेलर एसके सिंह पहुंचे बागपत
बागपत। जेलर यूपी सिंह को निलंबित करने के बाद जेलर एसके सिंह को बागपत की जेल का जेलर बनाया है। मंगलवार को जेलर ने पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया है। ब्यूरो
राठी पुराने बयान पर ही अडिग
बागपत। जांच के दौरान अधिकारियों ने आरोपी सुनील राठी से पूछताछ की। वह पुराने बयान ही दोहराता रहा। एडीजी चंद्रप्रकाश का कहना है कि यह जांच का विषय है। राठी से पूछताछ की गई है, उसने कई बातें बताई, जो गोपनीय हैं। ब्यूरो