ठगी के आरोपियों को कोर्ट में पेश किया
बड़ौत। एसटीएफ मेरठ की टीम द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने वाले पकडे़ गए गिरोह के सात सदस्यों को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।
मेरठ एसटीएफ केे सीओ ब्रिजेश कुमार के नेतृत्व में एसआई अरुण कुमार, सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल रकम सिंह ने बृहस्पतिवार को उस समय दिल्ली बस स्टैंड पर छापा मारकर कानपुर से आए गिरोह के जितेन्द्र व भूपेन्द्र को उस समय पकड़ लिया था जब वे स्विफ्ट कार में गिरोह के स्थानीय सदस्यों से ब्लैंक चेक व धनराशि लेने आए थे। बाद में गिरोह के अनुज वाजिदपुर, दिनेश ढिकौली, सावन बड़ौत, अजय, सचिन बालैनी को भी धर दबोचा गया था। पुलिस ने इनके पास से सनद, मार्कशीट, एटीएम कार्ड, ब्लैंक चेक, ओएमआरसी, आधारकार्ड, पैन कार्ड व मोबाइल बरामद किए थे। पूछताछ में पता चला कि गिरोह के बालकृष्ण मिश्रा फतेहपुर, अंकित पूनिया कंकरखेड़ा, दानवीर व नीटू व अरविंद राणा मुजफ्फरनगर अभी फरार हैं। कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार ने सभी आरोपियों को न्यायलय भेज दिया गया है। जबकि उनके फरार साथियों को पकड़ने के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।