नैथला गांव के जंगल में भट्ठा कारोबारी का फांसी लगा शव पेड़ पर लटका मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उसकी जेब से कागज के तीन टुकड़े मिले हैं। जिस पर कर्ज में डूबे होने और भट्ठे के पूर्व मुनीम पर लाखों रुपये बकाया होने की बात लिखी है। पुलिस ने कागज के आधार पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताकर तहरीर दी।
नैथला गांव के जंगल में रविवार की सुबह छह बजे किसान सेवक राम के नलकूप के पास बेरी की पेड़ पर व्यक्ति का फांसी लगा शव लटका मिला। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा। घटना स्थल पर मृतक की बाइक, शराब का खाली पव्वा पड़ा मिला। जेब से कागज के तीन टुकड़े मिले। एक कागज के टुकड़े पर भट्ठे के पूर्व मुनीम विजयपाल पर 30 लाख रुपये बकाया, दूसरे पर कर्ज में डूबा होने की बात लिखी हुई। पुलिस ने मृतक की जेब से मिले मोबाइल से परिजनों को घटना की जानकारी दी।
सूचना पर मृतक के बड़े भाई एवं दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर यशवीर सिंह व अन्य परिजनों ने पहुंचकर मृतक की शिनाख्त शाहपुर बड़ौली गांव निवासी आनंद चौधरी (60) पुत्र ब्रहम सिंह के रूप में की। भाई ने बताया कि वह भट्ठा कारोबारी था। उनका गौरीपुर में एकता बिक्र फील्ड के नाम से ईंट भट्ठा है। इसमें कलम मित्तल, रविंद्र, आनंद चौधरी और जितेंद्र चार साझेदार थे। वह परिवार सहित हरियाणा के सोनीपत में रहता था। शनिवार की शाम वह बड़ौली गांव में घर पर आया हुआ था। रविवार की सुबह सवा चार बजे के लगभग वह बाइक पर घर से चला गया। इसके बाद नैथला के जंगल में ले जाकर उसकी हत्या कर दी। उस पर किसी तरह का कोई कर्ज नहीं था। हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटका है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की जेब से मिले कागज के आधार पर पुलिस ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। इस संबंध में एसएसआई धर्मेंद्र सिंह संधू ने बताया पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर हत्या के कारणों का पता चलेगा। पुलिस ने भट्ठे के पूर्व मुनीम विजयपाल निवासी बोहला को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
तीनों कागजों पर अलग-अलग हैंड राइटिंग
बागपत। मृतक आनंद चौधरी की जेब से पुलिस को कागज के तीन टुकड़े मिले हैं। जिन पर अलग-अलग हैंड राइटिंग लिखी हुई है। एक कागज पर लिखा है कि कर्ज की जिंदगी भी पाप की जिंदगी है। पाप की जिंदगी जीने से बेहतर है मर जाना। दूसरे कागज पर लिखा है कि आत्महत्या करना आसान काम नहीं है और तीसरे पर भट्ठे के पूर्व मुनीम विजयपाल पर 30 लाख रुपये बकाया का जिक्र किया। मृतक के बड़े भाई यशवीर सिंह ने बताया कि हैंड राइटिंग उसके भाई की नहीं है। वह अपने भाई की हैंड राइटिंग अच्छी तरह से पहचानता है। इसकी जांच कराई जाए।
कई सवाल कर रहे हैं हत्या की तरफ इशारा
बागपत। मृतक भट्ठा कारोबारी आनंद चौधरी का शव जिन परिस्थितियों में फांसी पर लटका हुआ था, इससे साफ लग रहा था कि उसने आत्महत्या नहीं की है। भाई यशवीर सिंह ने बताया कि मृतक के दोनों पैर जमीन पर रखे थे। गले पर फांसी के फंदे से नीचे की तरफ दूसरा निशान बना हुआ। उसकी पहले फांसी लगाकर हत्या की और फिर शव को पेड़ पर लटकाया। वह शराब नहीं पीता था। पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए शव के पास शराब का पव्वा डाला।
पांच भाई थे मृतक, तीन पुलिस में अफसर
बागपत। मृतक आनंद चौधरी पांच भाई थे। सबसे बड़ा भाई यशवीर सिंह दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर है और स्पेशल सेल में तैनात है। उससे छोटा भाई दयानंद खेती करता है। मृतक आनंद तीसरे नंबर का था। इससे छोटा सुभाष दिल्ली पुलिस में एएसआई है और सबसे छोटा सतेंद्र यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर है। मृतक के एक बेटा आशीष व एक बेटी आक्षी है। बेटा बंगलूरू में प्राइवेट नौकरी करता है। बेटी कक्षा 12 में पढ़ती है। उसकी मौत से परिवार की महिलाओं में कोहराम मचा हुआ है।
फोन पर किसी से चार लाख की हुई थी बात
बागपत। भाई यशवीर सिंह ने बताया कि मृतक की शनिवार की रात साढ़े आठ बजे के लगभग मोबाइल फोन पर किसी से बात हो रही है। मृतक कह रहा था कि तुम मेरे चार लाख रुपये लौटा तो, मुझे किसी दूसरे को देने है। उन्होंने बताया कि उसने करोड़ों रुपये लोगों को उधार दिलाए हैं।