बागपत। प्रमोद गांगनौली की हत्या और प्रवीन उर्फ भगत के कथित एनकाउंटर के मामले में कोर्ट ने शिकंजा कर दिया। आदेश के बावजूद कोर्ट में पेश न होने पर दो आरोपी जेल जा चुके हैं। जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ 82 की कार्रवाई कर दी।
ये दोनों केस कोर्ट में विचाराधीन है। मृतक प्रमोद पक्ष के अधिवक्ता अनिल चौधरी ने कहा सीजेएम कोर्ट ने आरोपियों को कोर्ट में तलब किया। आरोपी तलबी आदेश के खिलाफ कोर्ट में गए। एडीजे स्पेशल कोर्ट ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया। इसके बाद भी आरोपी सीजेएम कोर्ट में पेश नहीं हुए। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेकर आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए। पुलिस ने दो आरोपी राजेंद्र और अशोक को कोर्ट में पेश किया। उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेजा। अन्य आरोपियों के खिलाफ 82 की कार्रवाई हो गई है। यदि आरोपी कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो उनके मकान की कुर्की के आदेश हो जाएंगे।
गौरतलब है छपरौली के लूंब गांव में तीन अगस्त 2015 को प्रमोद गांगनौली का खेत में शव मिला था। पुलिस की जांच में सामने आया था प्रमोद की हत्या हिस्ट्रीशीटर अजीत उर्फ हप्पू, परमवीर तुगाना समेत पांच आरोपियों ने की। जबकि मृतक के परिजन इससे संतुष्ट नहीं है। मृतक की मां सुभाषना देवी ने गांगनौली गांव के पंकज पुत्र रामफल , अशोक पुत्र राजेंद्र, राजेंद्र पुत्र फेरू, बिट्टू पुत्र रामवीर, चांदनहेड़ी गांव के दो भाई अशोक मलिक और रविंद्र मलिक, धनौरा निवासी सहदेव पर हत्या करने का आरोप लगाकर कोर्ट में अर्जी लगाई थी। आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दर्ज हुआ था।