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विक्रम हत्याकांड : परिजनों ने हत्याकांड के खुलासे पर उठाएं सवाल

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बड़ौत (बागपत)।
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विक्रम के परिजनों ने हत्याकांड के खुलासे को फर्जी करार देकर कहा कि पुलिस उनका बार-बार उत्पीड़न कर रही है, वे मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी तक मामले की जांच बदलवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन पुलिस सभी को दबा रही है, उन्होंने इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की है और शीघ्र ही सीएम से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
बावली रोड स्थित हैवेल्स शोरूम पर 30 अप्रैल की रात मेें शोरूम मालिक प्रशांत, कर्मचारी मुकेश जैन, आशीष, विक्रम को गैन प्वाइंट पर लेकर पांच लाख की लूट की ौर लाइसेंसी बंदूक व मोबाइल लूट ले गए थे, इस संबंध में शोरूम मालिक ने अज्ञात में मामला दर्ज कराया था, इस घटना मेें विक्रम की हत्या हो गई । विक्रम के परिजनों ने भी शोरूम मालिक के खिलाफ विक्रम की हत्या का मामला दर्ज कराया था, इस मामले में पांच आरोपियों अंकुर, अंकित उर्फ परम, प्रदीप पुत्र अनंग पाल निवासी बुढ़बर, हिमांशु सरावत पुत्र सतेंद्र कुमार निवासी गढ़ी शिकावत, कार्तिक पुत्र परशुराम निवासी बिटावद को गिरफ्तार कर इस घटना का खुलासा किया था। हाल में इस घटना की साजिश रचने वाले जबर सिंह को गिरफ्तार किया था, उसने इस घटना में साजिश रचने में विक्रम के भाई अजय समेत दो के नाम लिए है।
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इस खुलासे को लेकर विक्रम का परिवार संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि पुलिस ने यह झूठा खेला है और पीड़ित परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है, उन्होंने सीएम को भेज गए बताया कि विक्रम का भाई सत्यवीर न्यायालय में तारीख पर जा रहा था तो बड़ौत सीओ ने जबरन गाड़ी मेें डालकर कोतवाली ले गए और 12.30 बजे तक कोतवाली में बैठाएं रखा, उसके साथ मारपीट की और मोबाइल छीन लिया, उसके परिजनों ने 100 नंबर को पुलिस किया, तब जाकर उसे कोरे कागजात पर हस्ताक्षर कराकर छोड़ा गया, बताया कि इस मामले मेें आईजी मेरठ से मिल चुके हैं और अब विक्रम के भाई अजय को भी पुलिस झूठे केस में फंसा रही है, जबकि इस घटना मेें शामिल शोरूम मालिक खुलेआम खुल रही है और उनके भाई का नाम उगलवा रही है, शोरूम मालिक के उच्चे स्तर पर तालुक है। इसलिए पुलिस उनकी मदद कर रही है। उन्होंने डीआईजी से भी इस मामले की जांच बदलवाने की मांग की। क्योंकि यहां पर पुलिस पर विश्वास नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच सीबीआई से जांच करायी जाऐ, सीएम से भी मिलेंगे।
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खुलासा हुआ है
बड़ौत। सीओ रामानंद कुशवाहा का कहना है कि यह मामला सही खुला है। विक्रम के परिजन झूठा खुलासा बता रहे है। जो आरोपी पकड़े गए हैं, उन्होंने अपने बयानों में घटनाक्रम की जानकारी दी है और खुलासा सही हुआ है।
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