बागपत। गांगनौली गांव में पाइप पेयजल योजना को शुरू कराने के मामले में फाइल पर ग्राम सचिव के फर्जी हस्ताक्षर की जांच बीडीओ बिनौली ने की। ग्राम सचिव के बयान लिए । इसमें उसने कहा उसने किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। जल निगम में फर्जी रूप से ओवर हैड टेंक को हैंडओवर कराया है। जांच रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी दी। इसमें जल निगम के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लिखा गया है।
गांगनौली गांव प्रधान सुभाषना राठी ने डीएम को पत्र लिखाकर अवगत कराया कि ग्राम पंचायत टंकी सुपुर्द करने में ग्राम सचिव के फर्जी हस्ताक्षर बनाए हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। इसमें गड़बड़ी की गई है। बताया था कि गांव में केवल 30 प्रतिशत हिस्स पानी की सप्लाई हो रही है, 70 प्रतिशत बांट झो रहे हैं। शिकायत के बाद डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने सीडीओ चांदनी सिंह को जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसकी जांच सहकारिता विभाग के सहायक विकास अधिकारी योगेंद्र पाल ने की। उन्होंने ग्राम सचिव प्रवेंद्र कुमार से इस संबंध में पूछताछ की। सचिव ने उन्हें अवगत कराया कि उन्होंने पाइप पेयजल योजना की किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। बिना जांच पड़ताल की ही पानी की टंकी को चालू कराया है। हैंडओवर फाइल का भी अवलोकन किया। हस्ताक्षर मिलान से लेकर अन्य कई बिंदुओं पर जांच की। इसमें जल निगम का ही फाल्ट मिला। अपने अपनी जांच रिपोर्ट बिनौली बीडीओ को दी। इसके बाद उन्होंने जांच रिपोर्ट सीडीओ चांदनी सिंह को सौंप दी। इसमें उन्होंने कार्रवाई की मांग की गई है।
दूषित पानी से जानलेवा रोगों की चपेट में है ग्रामीण
गांगनौली गांव में वर्तमान समय में पानी की समस्या गंभीर है। हैंडपंप उखाड़े जा चुके है। पानी की टंकी का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। दूषित पानी के कारण कैंसर रोग से लोग ग्रस्त हो गए है। अन्य जानलेवा बीमारियां भी पैर पसार रही है। ग्राम प्रधान सुभाषना देवी कई बार हैंडपंप और पानी की टंकी से पूरे गांव में पानी उपलब्ध कराने की मांग जिला प्रशासन से कर चुकी है। जल निगम के अफसर कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं।