बागपत। इनामी अजीत उर्फ हप्पू को जिला कारागार में अलग बैरक में रखा गया है। उसके साथ सिर्फ छह-सात बंदी ही है। जेलर का कहना है कि बंदियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। किसी को भी माहौल खराब करने की छूट नहीं दी जाएगी। मुलाकातियों पर भी नजर है।
अजीत उर्फ हप्पू के जिला कारागार में पहुंचते ही यहां तनाव बना है। असल में उसके गैंग के परमवीर तुगाना समेत कई बड़े अपराधी जिला कारागार में बंद हैं। तुगाना और हप्पू का नाम एक लाख के इनामी प्रमोद गांगनौली की हत्या में सामने आया था। पुलिस जांच में यह नाम सामने आया, लेकिन दोनों ही अपराधी इंकार करते रहे। पकड़े जाने के बाद हप्पू ने यह दावा किया था कि प्रमोद की हत्या प्रमोद गांगनौली ने की थी। ऐसे में दोनों अपराधियों के जेल में बंद होने से तनाव की स्थिति बन गई है। जेलर यूपी सिंह का कहना है कि हप्पू को बड़ी बैरक में रखने के बजाए छह सात बंदियों के साथ अलख से रखा गया है। जेल के अंदर के माहौल पर नजर रखी जा रही है, किसी को भी माहौल खराब करने की छूट नहीं दी जाएगी। यहां से कई बंदियों को शिफ्ट किए जाने की कवायद की जा रही है।
डॉक्टर से रंगदारी के बाद चर्चा में आई जेल
बागपत। रुड़की के डॉक्टर से रंगदारी मांगने के बाद बागपत जेल उत्तराखंड और यूपी में चर्चा में रही। जेल में बंद सुनील राठी ने जेल से रंगदारी मंागी। डॉक्टर ने सुनील राठी और उसकी मां राजबाला चौधरी पर मुकदमा दर्ज कराया था।
छापे में मिले थे चाकू और मोबाइल
बागपत। कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के निर्देश पर जेल में दो माह पहले छापेमारी की गई तो मोबाइल और चाकू मिले थे। इस मामले की जांच की जा रही है।