बागपत। बली गांव के प्रमोद हत्याकांड में पुलिस फरार बदमाशों को नहीं पकड़ पाई। पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर जोगेंद्र बली के पांच साथियों ने उसकी हत्या की। पुलिस ने चार बदमाशों का पता लगा लिया है, लेकिन अभी वे फरार हैं। पुलिस दिल्ली और गाजियाबाद में दबिशें दे रही है।
अग्रवाल मंडी टटीरी में 28 दिसंबर 2018 को बली गांव निवासी प्रमोद की गोलियों से भूनकर हत्या की। उसके सिर और छाती में सात गोलियां मारी। मृतक के भाई सुभाष ने दो को नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रमोद की हत्या गाजियाबाद जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर जोगेंद्र बली के पांच साथियों ने की। बली गांव निवासी संजय उर्फ संजू पुत्र विनोद, अहेड़ा निवासी रूपक व राम व दो अज्ञात बदमाशों के नाम पुलिस विवेचना में प्रकाश में आए। पांचों बदमाशों की लोकेश भी घटनास्थल पर मिली है। हत्या करने के तीन दिन पहले पांचों बदमाश बली गांव में संजय उर्फ संजू के साथ घूमते देखे गए । उन्होंने पूरे प्लान के तहत उसकी हत्या की। कई दिन तक रेकी भी की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जेल में बंद जोगेंद्र बली के एक नजदीकी ने मृतक प्रमोद को चेताया भी था कि तुम्हारी हत्या की योजना बनाई जा रही है। संजू से बचकर रहना, लेकिन प्रमोद ने उसकी नहीं सुनी। कोतवाली प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिशें दे रही है, लेकिन अभी कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस दिल्ली और गाजियाबाद में दबिशें दे रही है। जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
संजू ने प्रमोद की हत्या करने की खाई थी कसम
बागपत। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बली गांव में तीन जुलाई 2017 को कुख्यात सचिन नंदा गैंग के सदस्य राहुल उर्फ चोटी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इसमें प्रमोद को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपी संजय उर्फ संजू ने अपने दोस्त राहुल उर्फ चोटी हत्या के बाद कसम खाई थी कि वह प्रमोद की हत्या कर साथी की मौत का बदला लेगा।