धनौरा सिल्वरनगर में पाइप पेयजल योजना में 13 लाख रुपये के घोटाले को लेकर मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार गंभीर है। जांच समिति से रिपोर्ट मांगी, वहीं धनराशि को वसूल करने के लिए निर्देशित किया।
वर्ष 2013-14 में स्व जल धारा योजनांतर्गत निर्माणाधीन पाइप पेयजल योजना के तहत धनौरा सिल्वर नगर में पानी की टंकी सहित अन्य कार्य किए गए थे। इसका बजट 32.62 लाख स्वीकृत हुआ थे। इसके लिए स्वच्छ पेयजल समिति का गठन किया। इसके तहत निर्माण कराया । योजना में लाखों रुपये के गोलमाल की शिकायत ग्रामीणों ने डीएम से की।
डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने डीडीओ हुब लाल और जल निगम के अवर अभियंता मोहम्मद हारूण को जांच के निर्देश दिए। 10 अक्तूबर को शिकायतकर्ता के साथ योजना की जांच की जांच में बोरिंग में पी-ग्रेवल डाली जानी थी, नलकूप का विकास, पंपिंग प्लांट, क्षमता की जांच एवं स्टे्रच चार्ट, राइजिंग मेन के कार्य नहीं किए ।
पंप हाउस का निर्माण 90 प्रतिशत पूर्ण मिला। पूर्व प्रधान के खेत में 110 एमएम व्यास के 240 मीटर के पीवीसी पाइप मिले, जिन पर कंपनी का कोई मार्का अंकित नहीं था। एक घेर में 33 मीटर आईएसआई मार्का के जीआई पाइप पड़े मिले ।
1304982.00 की गड़बड़ी की। जांच समिति ने धनराशि वसूलने के लिए डीएम और मंडलायुक्त को रिपोर्ट भेज दी। इसकी शिकायत गांव के लोगों ने मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार से की । इसके बाद उन्होंने जांच समिति ने ग्राम पेयजल स्वच्छता समिति ने रिपोर्ट मांगी है।