बागपत। शादी के बाद एक युवती आईवीएफ से दो बार गर्भवती हुई, मगर एक बाद ससुराल वालों ने गर्भ में बेटी होने पर गर्भपात करा दिया और दूसरी बार पिटाई के कारण बच्चों की गर्भ में मौत होने का आरोप युवती ने लगाया है। इसके बाद भी ससुराल वालों पर उत्पीड़न करने और मारने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए युवती ने महिला थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
बागपत के एक गांव की रहने वाली युवती की शादी दिसंबर 2017 में बुलंदशहर के युवक से हुई थी। आरोप है कि ससुराल वाले 30 लाख रुपये या दिल्ली में फ्लैट की मांग करने लगे। दहेज लाने से मना करने पर उत्पीड़न किया जाने लगा। शादी के एक साल बाद जब गर्भवती नहीं हुई तो पति की जांच कराने पर पता चला कि वह शारीरिक रूप से कमजोर है। इसके बाद आईवीएफ विधि से गर्भवती हो गई। आरोप है कि तीन महीने बाद ससुराल वालों ने मेरठ ले जाकर प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण कराया तो गर्भ में बच्ची होने का पता चला और उसका गर्भपात करा दिया गया। उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे मायके में छोड़कर चले गए। इसके करीब डेढ़ महीने बाद उसकी हालत में सुधार हुआ तो उसके पिता ने ससुराल वालों को बुलाकर समझाया और वह तीन लाख रुपये नकद व कुछ रुपये ऑनलाइन लेने के बाद उसे लेकर गए।
आईवीएफ से दोबारा हुई गर्भवती, तीन बच्चे मर गए
उसे ससुराल वाले दोबारा चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे और आईवीएफ विधि से गर्भवती हुई। तीन महीने बाद दोबारा जांच कराने पर पता चला कि गर्भ में तीन बच्चे हैं और इनमें लड़का व लड़की दोनों हैं, इसलिए उसका गर्भपात नहीं कराया गया। जब वह साढ़े पांच महीने की गर्भवती हुई तो उसके साथ मारपीट करते हुए पेट पर लात मारी और उसको प्रसव हो गया, मगर तीनों बच्चों की मौत हो गई। वह करीब दो महीने तक मायके में रहकर उपचार कराती रही। उसके ठीक होने पर पंचायत हुई और ससुराल वाले उसे दोबारा लेकर चले गए। आरोप है कि इसके बाद भी ससुराल वाले मारपीट करते रहे और उसका गला दबाकर मारने का प्रयास किया। उसे बेहोश होने पर घर के पास फेंककर चले गए। उसने पति, सास, ससुर समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एएसपी एनपी सिंह के अनुसार मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।