दोघट। इदरीशपुर गांव के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य गिरधारी के बेटे पुष्पेंद्र की हत्या उसके दोस्त मनोज ने पत्नी को लेकर टिप्पणी करने पर की थी। सोमवार शाम इदरीशपुर-मौजिजाबाद नांगल के बीच पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से हत्यारोपी मनोज घायल हो गया, जिसका टीकरी सीएचसी में उपचार कराया गया। पुलिस ने हत्यारोपी के पास से तमंचा-कारतूस, पुष्पेंद्र का मोबाइल भी बरामद किया। पुलिस ने हत्यारोपी से पूछताछ शुरू कर दी।
इदरीशपुर गांव निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य गिरधारी के बड़े बेटे पुष्पेंद्र का शव रविवार की सुबह आदमपुर-इदरीशपुर मार्ग पर रालोद नेता रामछैल पंवार के खेत में पड़ा मिला था, जिसकी गला और मुंह दबाकर हत्या की गई थी। पुष्पेंद्र के छोटे भाई कुलदीप पंवार ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल की तो गांव का मनोज शनिवार रात पुष्पेंद्र के साथ बाइक पर पुसार जाता हुआ और वहां से वापस आता हुआ नजर आया। इसके बाद गांव में भी कई कैमरों की फुटेज में पुष्पेंद्र के साथ शराब पीने जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने मनोज की तलाश शुरू कर दी।
सीओ अंशु जैन ने बताया कि मनोज के ईदरीशपुर-मौजिजाबाद नांगल मार्ग पर खेत में घूमने की जानकारी मिलने पर पुलिस की टीम वहां पहुंची। पुलिसकर्मियों ने मनोज को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग कर दी। इसके बाद वहां हुई मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से मनोज घायल हो गया। पूछताछ में मनोज ने बताया कि शनिवार रात दोनों ने रालोद नेता रामछैल पंवार के नलकूप पर बैठकर शराब पी। तभी पुष्पेंद्र ने उसकी पत्नी को लेकर गलत टिप्पणी कर दी। उसने गलत कमेंट करने से रोका, लेकिन मनोज नहीं माना।
गुस्से में उसने मनोज का मुंह और गर्दन को दबा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद मनोज का शव खींचकर गन्ने के खेत में डाल दिया और बाइक भी वहीं डालकर मिट्टी डाल दी, जिससे हत्या की घटना सड़क हादसा लगे। सीओ ने बताया कि हत्यारोपी मनोज से पूछताछ की जा रही है। उसे मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पत्नी को लेकर टिप्पणी करने पर दो साल पहले भी की थी हत्या
पुलिस के अनुसार हत्यारोपी मनोज के खिलाफ सोनीपत जिले के बहालगढ़ थाने में दो साल पहले भी हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जिसमें बताया गया कि मनोज अपनी पत्नी सविता के साथ बहालगढ़ में रहकर एक कंपनी में नौकरी करता था। वहां पर पत्नी सविता को लेकर टिप्पणी करने पर मनोज ने वहां पर एक युवक की सरिए से पीटकर हत्या कर दी थी। जिसमें मनोज के साथ उसकी पत्नी सविता भी जेल गई थी। छह-सात माह पहले ही दोनों जेल से जमानत पर बाहर आकर गांव में रहने लगे थे।