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Baghpat News: 21 साल पहले शुरू किया अपराध बागपत और दिल्ली तक आतंक

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बागपत। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सुशील मूंछ गैंग के शॉर्प शूटर विपुल उर्फ खूनी ने 21 साल पहले अपराध की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद विपुल ने बागपत, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और सहारनपुर जिलों में 38 आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। इनमें चार हत्या, तीन लूट, दो डकैती के अलावा अपहरण, चोरी, रंगदारी मांगने, जानलेवा हमले की घटनाओं को अंजाम दिया।
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विपुल खूनी के खिलाफ सबसे पहला मामला वर्ष 2007 में हत्या का प्रयास व बलवे का दर्ज हुआ था, जिसमें पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद वर्ष 2008 में विपुल ने शामली में हत्या की घटना को अंजाम दिया। इसके एक साल बाद विपुल ने अपराध की दुनिया में शामली से बाहर कदम रखा और उसने अपने साथियों के साथ खेकड़ा क्षेत्र में लूट की घटना को अंजाम दिया।
यहां के बाद दिल्ली तक पहुंच गया और दिल्ली के शाहदरा के पांडव नगर में चोरी के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज हुई। वर्ष 2011 में कांधला पुलिस ने विपुल को मुचलका पाबंद किया। वर्ष 2011 में ही विपुल ने अपने साथियों के साथ मिलकर शाहदरा के ज्योतिनगर थाना क्षेत्र में डकैती की घटना को अंजाम दिया। वर्ष 2013 में कांधला पुलिस ने उसपर गैंगस्टर की प्राथमिकी दर्ज की।
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इसी साल खेकड़ा और शामली में लूट की घटना को अंजाम दिया। लूट में शामिल विपुल के खिलाफ शामली कोतवाली पुलिस ने भी गैंगस्टर की कार्रवाई की। वर्ष 2014 में विपुल ने खेकड़ा के कारोबारी का अपहरण किया और गांव के ही बदमाश भीम को उसकी महिला मित्र के घर बुलाकर लोहे की रॉड से हमला करके हत्या कर दी थी। इसके बाद बूढ़पुर रेलवे हाल्ट पर कांधला के धर्मेंद्र की हत्या की। बागपत में अपराध करना बंद नहीं किया और उसी साल रमाला क्षेत्र में एक और हत्या की।
इसके बाद वर्ष 2017 में सहारनपुर जिले के मानपुर गांव में अपनी बहन की ससुराल में गाड़ी लूटी और पुलिस को मुखबिरी करने के शक में मानपुर गांव की महिला प्रधान की भी हत्या कर दी थी। मुठभेड़ के बाद पुलिसकर्मियों ने कारतूस के 12 खाली खोखे इकट्ठे किए। विपुल की शादी बागपत के बिजरौल गांव में हुई थी। इसलिए भी वह बागपत के बारे में काफी जानकारी रखता था। कुछ साल से उसने सोनीपत में अपनी मित्रता बढ़ाई थी और इसलिए ही उसने सोनीपत में ठिकाना बना रखा था।
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