बागपत। डूडा कर्मी विक्रांत व राखी कश्यप हत्याकांड ने सभी को चौंका दिया है तो कई ऐसे जनप्रतिनिधियों और अफसरों की बेचैनी भी बढ़ गई है, जिनके राज इन दोनों के मोबाइल के अंदर है। दोनों के मोबाइल मिलने पर कई बड़े राज भी खुलेंगे। इसको लेकर सहारनपुर पुलिस दोनों के मोबाइल भी खंगाल रही है। मोबाइल के बारे में हत्यारोपियों से पूछताछ भी की।
मूल रूप से राजपुर खामपुर की राखी कश्यप पहले खेकड़ा की काशीराम कॉलोनी, फिर एनबीसीसी कॉलोनी और अब बागपत में रही।
इस तरह पिछले तीन साल से बागपत शहर में सक्रिय नजर आ रही थी, जो लोगों को खुद को डूडा कर्मी बताकर परिचय देती थी। वह हाईप्रोफाइल जिंदगी जीने पर विश्वास रखती थी और वह कई बार हवाई यात्रा भी कर चुकी थी। यही नहीं कलक्ट्रेट, विकास भवन में अफसरों के कार्यालय में जाती रहती थी। उसकी डूडा कार्यालय में आने-जाने के कारण विक्रांत से दोस्ती हो गई, जो बाद में प्यार में बदल गई।
इसके बाद राखी कश्यप अक्सर डूडा कार्यालय में नजर आने लगी। डूडा में संविदाकर्मी के पद पर काम करने के लिए दो साल पहले नियुक्ति पत्र लेकर आई, लेकिन अफसरों ने नियुक्ति नहीं दी।
इस दौरान वह नगर पालिका के एक अधिकारी के संपर्क में आई और उससे भी मेलजोल बढ़ गया। इनके अलावा शहर के कई जनप्रतिनिधियों और अफसरों के संपर्क में भी रही, जिसकी चर्चा शहर में जोरों पर है। दावा यह भी किया जा रहा है कि संपर्क में आने वाले जनप्रतिनिधियों और अफसरों के कई ऐसे राज राखी कश्यप के मोबाइल में हैं, जिनकी जानकारी विक्रांत को भी थी। अब राखी और विक्रांत का मोबाइल मिलने पर ही राज से पर्दा उठ सकेगा। हालांकि जिन्हें राज खुलने का डर है, उनकी भी नींद उड़ी हुई है।