बागपत। पशुपालन विभाग के कनिष्ठ सहायक अश्वनी कुमार को पशुपालक सतीश कुमार निवासी बरनावा से पांच हजार की रिश्वत लेते हुए शुक्रवार को एंटी करप्शन की टीम ने विकास भवन की कैंटीन से गिरफ्तार कर लिया। कनिष्ठ सहायक को कोतवाली ले जाकर पूछताछ की गई। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी योगेंद्र कुमार ने कनिष्ठ सहायक के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई।
बरनावा गांव निवासी पशुपालक सतीश कुमार ने बताया कि छह महीने पहले उसने बकरी पालन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। लाभार्थियों की सूची में उसका चयन हो गया। उसने विकास भवन में पशुपालन विभाग में जाकर जानकारी की तो वहां तैनात कनिष्ठ सहायक अश्वनी कुमार ने 12 हजार रुपये रिश्वत की मांग की और रिश्वत मिलने पर ही अनुदान की राशि खाते में भेजने की बात कहने लगा। उसने 12 हजार रुपये देने में असमर्थता जताई तो कनिष्ठ सहायक ने दस हजार, फिर आठ हजार रुपये मांगे। पांच हजार रुपये रिश्वत देने पर दोनों में सहमति बन गई।
यह तय हुआ कि बकरी पालन योजना के अनुदान के 49 हजार रुपये खाते में आने पर पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। अनुदान के रुपये एक महीने पहले खाते में आने के बाद से कनिष्ठ सहायक फोन करके पांच हजार रुपये की मांग कर रहा था। पशुपालक सतीश को शुक्रवार को विकास भवन में संचालित कैंटीन पर बुलाया। सतीश ने इसकी शिकायत पहले ही एंटी करप्शन के अफसरों से मेरठ में शिकायत कर दी। शुक्रवार दोपहर कैंटीन में कनिष्ठ सहायक ने चाय पिलाकर रिश्वत के रुपये मांगे।
रिश्वत के रुपये लेते ही एंटी करप्शन की टीम के प्रभारी योगेंद्र कुमार और अन्य कर्मियों ने कनिष्ठ सहायक अश्वनी कुमार को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद आरोपी कनिष्ठ सहायक को पुलिस को सौंपकर एंटी करप्शन की टीम वापस चली गई। जांच अधिकारी ब्रजेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कनिष्ठ सहायक को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
85 लोगों को मिला अनुदान, सभी से रुपये लेने का आरोप : पशुपालक सतीश कुमार ने बताया कि पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना में जिले के 85 लाभार्थियों का चयन हुआ। आरोप लगाया कि कनिष्ठ सहायक ने सभी लाभार्थियों से रिश्वत के रुपये वसूले।
आर्थिक तंगी का हवाला देने के बाद भी नहीं माना कनिष्ठ सहायक : पशुपालक सतीश कुमार वाल्मीकि समाज के 96 गांवों के चौधरी है। उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते उसने बकरी पालन योजना के लिए आवेदन किया। अनुदान मिलने के बाद उसने कनिष्ठ सहायक को अपनी समस्याएं भी बताई, लेकिन कनिष्ठ सहायक रुपयों की मांग करता रहा।
अफसरों ने दूसरे लाभार्थियों को फोन कर जांच कराई : पशुपालन विभाग के कनिष्ठ सहायक के रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाने पर अधिकारी हरकत में आ गए। इसके बाद अन्य लाभार्थियों को फोन करके जांच कराई। इसमें कुछ ने रुपये मांगने की बात कही तो कुछ ने इन्कार कर दिया।
मृतक आश्रित के तहत भर्ती हुआ था कनिष्ठ सहायक : रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया कनिष्ठ सहायक अश्वनी कुमार खंदरावली जिला शामली का रहने वाला है। उसके पिता राजेंद्र पशुपालन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मी थे।