रटौल। सिखैड़ा गांव के जंगल में नलकूप के ऊपर बने कमरे में सोए हुए अविवाहित किसान लाला (60) की गला घोंटकर हत्या कर दी गई और उसका शव जलाने का प्रयास किया गया। शुक्रवार की सुबह नलकूप पर चाय लेकर पहुंचे कोल्हू संचालक सोहनवीर को बेड पर किसान का शव पड़ा हुआ मिला। किसान के मुंह व गले पर खून भी लगा था और पैर भी जल गए थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
सिखैड़ा गांव निवासी अविवाहित किसान लाला पिछले 32 साल से अपने नलकूप के ऊपर बने कमरे में रह रहा था और वहीं खाना बनाता था। नलकूप के पास उसने कोल्हू लगाकर सोहनवीर निवासी ढिकौली को किराये पर दिया हुआ है। किसान लाला बृहस्पतिवार देर शाम खेत में धान की रोपाई कराकर नलकूप पर बने कमरे में जाकर सो गया। शुक्रवार की सुबह सोहनवीर चाय लेकर नलकूप पर पहुंचा और किसान को आवाज लगाई। काफी देर तक आवाज लगाने के बाद भी किसान नीचे नहीं आया। वहां कमरे में धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। इस पर सोहनवीर ने सीढ़ी से ऊपर जाकर देखा तो वहां किसान का शव पड़ा हुआ मिला। इसका पता चलते ही मृतक के बड़े भाई का दामाद सुधीर मान समेत अन्य ग्रामीण और पुलिसकर्मी वहां पहुंचे। वहां फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर भी जांच की। मृतक के गले पर निशान मिले तो उसकी नाक व गले पर खून भी लगा था। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी। उधर, मृतक के भतीजे अनुज ने बताया कि उसके ताऊ लाला की देर रात गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर शव को जलाने के लिए आग लगा दी गई।
पांच भाइयों में सबसे छोटा था मृतक
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक किसान लाला के परिवार में पांच भाइयों में सबसे छोटा था। उसके भाई सतपाल, धर्मपाल, जगपाल, सोनू हैं, जिनमें लाला और सोनू अविवाहित हैं। किसान लाला 32 साल से खेत में नलकूप पर बने कमरे में रहकर अपने हिस्से की तीन बीघा जमीन पर खेतीबाड़ी कर रहा था। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
वर्जन-
तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल पर फोरेंसिंक टीम से साक्ष्य एकत्रित कराए गए। इसमें कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है, जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
-रोहन चौरसिया, सीओ खेकड़ा।