बागपत। पंचायत चुनाव की मतगणना जिले में छह केंद्रों पर रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में शुरू हुई। कोरोना गाइडलाइन और अन्य औपचारिकता पूरी करने के चलते सभी केंद्रों पर मतगणना देरी से शुरू हुई। चुनाव में 5310 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। दोपहर के करीब ग्राम प्रधान पद, ग्राम पंचायत सदस्य पद और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के नतीजे आने शुरू हो गए थे। देर रात तक यह सिलसिला चलता रहा। मतगणना स्थलों के बाहर बड़ी संख्या में प्रत्याशियों के समर्थकों की भीड़ एकत्र रही। कोरोना गाइडलाइन की अवहेलना हर जगह होती दिखाई दीं।
जिला पंचायत सदस्य के 20, ग्राम प्रधान के 244, क्षेत्र पंचायत सदस्यों के 505 और ग्राम पंचायत सदस्यों के 3322 पदों पर 19 अप्रैल को मतदान हुआ था। इन पदों पर 5310 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। जबकि 22 क्षेत्र पंचायत सदस्य पद और 1778 ग्राम पंचायत सदस्य पद पर प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया था। जिले के करीब 5.93 लाख मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया था। रविवार को शुरू हुई मतगणना के दौरान केंद्रों पर प्रत्याशियों और एजेंटों के बीच गहमागहमी रही। कई जगह एकत्र भीड़ को पुलिस ने लाठी फटकार कर खदेड़ा। मतगणना केंद्रों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं हुआ। प्रशासन के दावे खोखले साबित हुए। प्रत्याशी और उनके समर्थक सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते दिखे। डीएम राजकमल यादव और एसपी अभिषेक सिंह ने मतगणना केंद्रों पर व्यवस्था का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिसकर्मियों को आदेश दिए कि कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के अंदर प्रवेश न करें।
थर्मल स्कैनिंग के बाद ही मिला प्रवेश
सभी मतगणना केंद्रों पर कोविड हेल्पडेस्क की स्थापना की गई थी। कर्मचारियों, प्रत्याशियों और उनके एजेंटों को थर्मल स्कैनिंग और तापमान की जांच के बाद ही अंदर प्रवेश मिला। इस दौरान कोरोना के लक्षण दिखाई देने या तापमान अधिक पाए जाने पर कई लोगों को लौटा दिया। मतगणना केंद्रों पर रेंडम कोरोना जांच भी की गई। इस दौरान एंटीजन जांच पॉजिटिव आने पर लोगों को होम आइसोलेशन में भेज दिया गया।