बागपत में किशोरी को बहला-फुसलाकर घर से ले जाने और नशीली बर्फी खिलाकर दुष्कर्म के मामले में एडीजे एफटीसी (महिला उत्पीड़न) कोर्ट संख्या-1 ने मां-बेटे को अलग-अलग धाराओं में दोषी पाया है। सात साल पुराने इस मामले में दोनों को सजा 6 जून को सुनाई जाएगी।
अपर जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अनुज ढाका ने बताया कि खेकड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 13 दिसंबर 2009 को कई लोगों के खिलाफ नाबालिग बेटी को बाजार से बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 27 दिसंबर 2009 को पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया था।
पीड़िता ने बयान में कहा था कि परिचित महिला रेखा उसे बहाने से अपने घर ले गई थी वहां उसने नशीली बर्फी खिलाई। महिला के बेटे सुमित ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बरामदगी के बाद पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराया था। पुलिस ने मां-बेटे के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
शुक्रवार को एडीजे एफटीसी (महिला उत्पीड़न) कोर्ट संख्या-1 डॉ. मनु कालिया ने मां-बेटे पर दोष सिद्ध किया। रेखा को बहला-फुसलाकर अपहरण की धारा 363, 366 और सुमित को अपहरण व रेप के मामले में धारा 363 व 376 के तहत दोषी पाया गया है।