बागपत। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की रफ्तार बारिश ने रोक दी और फिलहाल 80 प्रतिशत पर निर्माण अटका हुआ है। इससे निर्धारित समय सीमा दिसंबर 2025 में कॉरिडोर शुरू नहीं हो सकेगा। इसके निर्माण में दो महीने तक की देरी होगी।
बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से सहारनपुर तक के दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के हिस्से का निर्माण चल रहा है। इस तरह से निर्माण किया जा रहा था उससे उम्मीद जताई जा रही थी कि इसको दिसंबर 2025 तक शुरू कर दिया जाएगा। एनएचएआई के अधिकारी भी यही दावा कर रहे थे, मगर यहां लगातार हो रही बारिश ने कॉरिडोर के निर्माण को रोक दिया है। पिछले सप्ताह से एक भी दिन निर्माण कार्य नहीं हो सका। इस तरह कॉरिडोर निर्माण में देरी होना तय है।
80 प्रतिशत हुआ कार्य, कई अहम काम बाकी
कॉरिडोर का अभी तक 80 प्रतिशत निर्माण कार्य हो सका है। आठ किमी सड़क निर्माण कार्य बाकी है तो मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे, मुजफ्फरनगर मार्ग समेत कई जगहों पर इंटरचेंज का निर्माण नहीं हुआ है। इनके अलावा फ्लाईओवर को जोड़ने, स्लॉप के प्रोटेक्शन, सर्विस रोड का निर्माण, लाइटिंग का कार्य भी नहीं हुआ है। इनमें एक सबसे अहम मवीकलां में फ्लाईओवर व मुख्य टोल प्लाजा का कार्य भी जल्द पूरा नहीं होगा।
बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर व सहारनपुर को कॉरिडोर का फायदा
इस कॉरिडोर की शुरुआत दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से होगी और यह देहरादून में खत्म होगा। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे तक इसे एलिवेटेड बनाया गया है और आगे मिट्टी डालकर ऊंचाई पर बनाया गया है। इसका निर्माण दिसंबर 2025 तक पूरा करके शुरू करने का समय तय किया गया था। इस कॉरिडोर से बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के अलावा आसपास के जिलों व दिल्ली के लोगों को काफी फायदा होगा।
इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण जल्द पूरा होना चाहिए। इससे लोगों को काफी फायदा होगा। यहां से देहरादून व आसपास के जिलों में आसानी से काफी कम समय में पहुंच सकेंगे। इससे विकास भी बढ़ेगा। -हिम्मत सिंह, अग्रवाल मंडी टटीरी
कॉरिडोर निर्माण का कार्य जल्द पूरा होगा तो लोगों को इसका फायदा भी जल्द मिलेगा। दिल्ली की तरफ भी कम समय में पहुंच जाएंगे तो आसपास के जिलों व देहरादून को इससे जोड़ने पर आवागमन काफी बेहतर होगा। -कृष्णपाल सिंह, मवीकलां
इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसमें कई जगह फ्लाईओवर, सड़क समेत लाइटिंग का कार्य बाकी है। इसको जल्द पूरा कराया जा रहा है और इसको जल्द वाहनों के लिए खोला जाएगा। -नरेंद्र सिंह, परियोजना निदेशक एनएचएआई