बागपत। ट्योढ़ी गांव में बंधक बनाकर मजदूरी कराने की शिकायत मिलने एएचटी टीम ने छापामारी की। वहां से बंधक बनाकर मजदूरी कराने के मामले में छह श्रमिकों को बरामद किया, जिनमें तीन नाबालिग शामिल है। एएचटी टीम ने मुक्त कराए गए श्रमिकों का जिला अस्पताल में मेडिकल भी कराया।
ट्योढ़ी गांव में अलग-अलग किसानों के घरों और खेतों में मजदूरी करते हुए मिले छह श्रमिक नेपाल, बिहार और झारखंड के रहने वाले है। इनमें नेपाल के काठमांडू जिले के रहने वाले मजदूर सुरेश ने बताया कि नौ महीने पहले पांच हजार रुपये महीना वेतन के साथ खाने और रहने की व्यवस्था की जिम्मेदारी लेकर मजदूरी के लिए लाया गया था। इसके बाद उसे मजदूरी नहीं दी गई और मजदूरी मांगने पर धमकाया भी गया। इसके अलावा बिहार और झारखंड के चार श्रमिकों ने एक ठेकेदार पर किसानों के यहां भेजने का आरोप लगाया। उन्हें भी तीन और चार महीनों से मजदूरी नहीं दी गई। सीओ विजय कुमार का कहना है कि मुक्त कराए गए श्रमिकों के बयानों के आधार पर बंधक बनाकर मजदूरी कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।