बागपत। जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को बढ़ती हुई तेल की कीमत के विरोध में कलक्ट्रेट पर हंगामा किया। उन्होंने डीएम को राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में तेल की कीमत को वापस लेने की मांग की।
कांग्रेसियों का कहना था कि तीन माह में डीजल व पेट्रोल पर लगने वाले केंद्रीय उत्पाद शुल्क और कीमतों में बार-बार अनुचित बढ़ोत्तरी से लोग परेशान है। 2014 में पेट्रोल पर 9.20 रुपये व डीजल पर 3.46 रुपये उत्पाद शुल्क था। छह वर्ष में केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 23.76 रुपये व डीजल पर 28.37 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त बढ़ोत्तरी की गई है। एक ओर देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है, वहीं सरकार ने बार-बार उत्पाद शुल्क बढ़ाकर मुनाफाखोरी व जबरन वसूली की हदें पार कर दी है। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम दिए ज्ञापन में पांच मार्च के बाद की गई बढ़ोत्तरी को तत्काल वापस करने के निर्देश करने की मांग की। जिलाध्यक्ष डॉ यूनुस चौधरी, हेमंत कुमार, मनीष जैन, प्रदीप शर्मा, अख्तर चौधरी, राकेश, ब्रजमोहन, प्रदीप शर्मा मौजूद रहे।
डीजल के दाम बढ़ने पर दी आंदोलन की चेतावनी
बागपत/बड़ौत। राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं की पार्टी कार्यालय पर बैठक हुई। इसमें गैस, डीजल व पेट्रोल के बढ़े दामों को लेकर सरकार की निंदा की गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश व केंद्र सरकार को जनविरोधी बताते हुए कहा कि आज प्रदेश व देश का प्रत्येक वर्ग त्रस्त है। सरकार को जनता की कोई चिंता नही है। मीडिया प्रभारी ओमबीर सिंह, ब्रह्मपाल, कृष्णपाल, तेजपाल राणा, देवपाल फौजी, संदीप कुमार, विक्रम पांचाल, कलीम अहमद, निसार अल्वी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। उधर, रालोद नेता सुबोध राणा ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकार महंगाई को रोकने मेें नाकाम साबित हो रही है। रालोद ही हर वर्ग की हितैषी पार्टी है।