बागपत में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत भूमि से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराने की मांग को लेकर टीकरी में आमरण अनशन पर बैठे चार किसानों की हालत बिगड़ गई। चिकित्सक बुलाकर धरनास्थल पर उपचार कराया। एसडीएम बड़ौत सुभाष सिंह ने धरने पर बैठे किसानों से वार्ता की। कोई नतीजा नहीं निकलने पर वार्ता विफल रही।
टीकरी में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसानों ने सर्विस रोड, रकबा दुरस्तीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर कई गांवों के किसान पिछले 79 दिन से धरने पर बैठे हुए हैं। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर किसानों ने चार दिन पहले अनशन शुरू कर दिया था।
शनिवार को अनशन पर बैठे किसान हरबीर सिंह, पवन राठी, शिवकुमार, राजेंद्र की तबियत अचानक बिगड़ गई। किसानों का आरोप है कि चार दिन से चल रहे अनशन पर जांच करने के लिए एक बार भी स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं आई। मौके पर आजाद राठी, रणवीर सिंह राठी, बबलू, राजेंद्र सिंह, कुलबीर राठी, पवन, योगेश राठी, अंकुर राठी, राजवीर मौजूद रहे।
महापंचायत को सफल बनाने के लिए जनसंपर्क किया
कलक्ट्रेट में दस अक्तूबर को होने वाली भाकियू की महापंचायत को सफल बनाने के लिए भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने काठा, मवीकलां, नंगला बहलोलपुर, साकरौद, सुभानपुर समेत कई गांवों में जनसंपर्क किया। उधर हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती किसान धर्मपाल काठा की हालत गंभीर देखते हुए मेरठ रेफर कर दिया। उधर लोकमंच परिसर में किसानों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, एनसीआर के महासचिव प्रदीप धामा, रमन गुर्जर, सुरेंद्र प्रधान, बब्लू शर्मा, विजयपाल, धर्मपाल, इंद्रपाल, जगपाल धामा, विनोद आदि मौजूद रहे।