आयुष्मान मित्र पंकज ने बताया कि शाम को उसे अचानक चक्कर आ गया और डायरिया कर गया। फिजिशियन डॉ़ श्रवण कुमार का कहना है कि तेज धूप और गर्म हवा के अलावा गर्मी में खानपान में लापरवाही बरतने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी में शरीर में पानी की कमी होने पर मरीजों को कमजोरी और चक्कर आने की समस्या होने लगती है। गर्मी से बचाव के लिए तरल पदार्थ का सेवन करें।
डिहाइड्रेशन के लक्षण
-अधिक प्यास लगना, बेहोशी महसूस होना
-भूख कम लगना, थकान, सिरदर्द और चक्कर आना
-गर्मी के बावजूद पसीना न आना
-मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन, उल्टी होना
-दिल की धड़कन तेज या कमजोर होना
ऐसे करें बचाव
-गर्मी में भरपूर मात्रा में पानी पिंए
-धूप के चश्मे, टोपी, चप्पल का इस्तेमाल करें
-शरीर को कपड़े से ढककर और छाता लेकर ही घर से निकलें
-यात्रा के दौरान पीने के लिए पानी साथ में रखें
-ओआरएस, लस्सी, चावल का पानी (मांड), नींबू पानी, छाछ पिएं
-सुबह 11 से तीन बजे के बीच धूप में जाने से बचें
-गहरे रंग और तंग कपड़ों के बजाए, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें
-अधिक प्रोटीनयुक्त खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन न करें
-अल्कोहल, चाय या काफी पीने से परहेज करें
गर्मी में डिहाइड्रेशन और लू लगने के मरीजों को भर्ती करने के लिए जिला अस्पताल में दस बेड का वार्ड पहले ही तैयार कराया गया है। अभी तक हीट स्ट्रोक का मरीज अस्पताल में नहीं आया है। गर्मी में पानी की कमी होने पर डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है। - डॉ. एसके चौधरी, सीएमएस