बागपत। कोरोना संक्रमण काल का असर खाद की निजी दुकानों पर पड़ा है। किसानों ने इस बार खाद की दुकानें के बजाए सीधे समितियों से खाद का अधिक उठान किया है। यही वजह है कि लक्ष्य के सापेक्ष अब तक तीन गुणा अधिक यूरिया, डीएपी और एनपीके का उठान हो चुका है। खरीफ फसलों का सीजन सितंबर तक चलेगा। ऐसे में खाद का उठान पिछले साल के सापेक्ष पांच गुणा तक बढ़ जाने की संभावना है। सहायक निबंधक देवेंद्र कुमार का कहना है कि पिछले साल के सापेक्ष वितरण बढ़ा है। इस साल के लिए जो लक्ष्य निर्धारित थे, उसके सापेक्ष ही तीन गुणा अधिक वितरण हो चुका है।
तीन हजार मीट्रिक टन था लक्ष्य
बागपत। सहायक निबंधक देवेंद्र कुमार का कहना है कि जिले में खाद वितरण के लिए 38 समितियां संचालित हैं। इनका लक्ष्य 3019 मीट्रिक टन था। 30 जून तक ही लक्ष्य से करीब तीन गुणा अधिक यानि 10 हजार 383 मीट्रिक टन खाद अधिक बांटा जा चुका है।
जून 2020-21 तक लक्ष्य और वितरण
खाद लक्ष्य वितरण
यूरिया 2156 7220
डीएपी 772 3049
एनपीके 91 114
नोट: मात्रा मीट्रिक टन में
पिछले वर्ष में वितरित खाद
खाद वितरण
यूरिया 3480
डीएपी 1053
एनपीके 131
जिले में 342 दुकानें पंजीकृत
बागपत। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ सूर्य प्रताप सिंह का कहना है कि जिले में खाद की करीब 342 दुकानें पंजीकृत हैं। इनमें कुछ के पास लाइसेंस है, लेकिन वह दुकान का संचालन नहीं कर रहे हैं।
क्या कहते हैं दुकानदार
बागपत। खाद विक्रेता रवि कुमार का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण लागू हुए लॉकडाउन से की वजह से दुकानों पर खाद का उठान कम हुआ है। दुकानें खोलने का एक तय समय था, जिस कारण किसान पूरी तरह समितियों पर डायवर्ट हो गए। यही वजह है कि इस बार खाद विक्रेताओं को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।