बच्चियां बोलीं, नहीं जा रही स्कूल तो कमिश्नर ने नामांकन कराया
बागपत। मंडलायुक्त एवं जनपद महिला नोडल अधिकारी अनीता सी मेश्राम और आईपीएस अधिकारी दीक्षा शर्मा ने सिसाना गांव में जनता दरबार लगाकर महिला परक योजनाओं की समीक्षा की। यहां प्राथमिक स्कूल में बालिकाओं के स्वास्थ्य के बारे में मंडलायुक्त ने सवाल किए तो चार बालिकाओं के न पढ़ने के बारे में पता चला। एक बच्ची ने बताया कि स्कूल में मन नहीं लगता। अन्य ने कहा कि माता-पिता नहीं भेज रहे। इस पर मंडलायुक्त ने बीएसए राजीव रंजन मिश्र, प्रधानाध्यापक को तलब किया और स्कूल में चारों बालिकाओं को नामांकन करने के निर्देश दिए। इसके बाद रविवार को ही चारो बच्चियों का नामांकन करा दिया। सबनूर का कक्षा चार में, साहिबा, मुस्कान का कक्षा छह में, शीबा का कक्षा आठ में और सामरा को कक्षा सात में दाखिला कराया। डीएम ने बच्चियों से कहा वह कभी भी स्कूल में आकर भी उन्हें देखने आएंगी। सभी को स्कूल आना है।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के आशा, एएनएम और आंगनबाडिय़ों की पहचान कराई। सभी से पूछा गांव में आती है या नहीं। महिलाओं ने नियमित आने की बात कही। उसके बाद बच्चियों से आयरन और नियमित स्वास्थ्य की जानकारी की। सभी ने दवा समय पर और उपचार किए जाने की बात कही। महिला समूहों की कार्य प्रगति को देखा। आंगनबाडिय़ों से गांव की गर्भवती, किशोरी और युवतियों की आंकड़े लिए। महिलाओं से उज्ज्वला योजना से मिले गैस सिलेंडर से लाभ पूछा। महिलाओं ने बताया कि आंखों की दिक्कत होती थी अब ऐसा नहीं है और समय पर काम पूरा हो जाते है। गैस का काम खत्म होने पर रेगूलेटर बंद कर देते है। इज्जत घर (शौचालय) के फायदे भी महिलाओं ने बताए। इस दौरान मंडलायुक्त ने शिकायते सुनी और कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। ग्रामीणों ने बताया कि खादर की जमीन में नाम दर्ज करने में पटवारी कोई कार्य नहीं करते है। परेशानी होती है। एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए। मंडलायुक्त के जाने के बाद ग्राम्य विकास आयुक्त एवं अन्य अफसरों ने ग्रामीणों की शिकायते सुनी। गेस्ट हाउस में महिला प्रधानों से भी संवाद किया। उनका समाधान कराने का आश्वासन दिया। सीडीओ पीसी जायसवाल, सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा, डीडीओ हुब लाल, बीडीओ स्मृति अवस्थी सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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लेखपाल पर दिए कार्रवाई के निर्देश
बागपत। योजना की समीक्षा के दौरान लेखपाल वसियत से जुड़े अभिलेख नहीं लाए। इस पर मंडलायुक्त और डीएम नाराज हो गई। किसी भी तरह की सूची नहीं दिखा पाए। कितनी विरासत दर्ज, गांव में कितनी अविवाहित लड़कियों का नाम दर्ज कराया सहित अन्य दस्तावेज नहीं दिखा पाए। जिस पर एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए।
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आयुष्मान योजना के प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर नहीं कर रहे इलाज
बागपत। सिसाना गांव निवासी रिहाना ने मंडलायुक्त को बताया कि आयुष्मान भारत की पात्र है। उसके आधे शरीर में दर्द रहता है। बड़ौत में अधिकृत अस्पताल में उपचार कराया था, लेकिन तीन दिन बाद गई तो मना कर दिया। जिला अस्पताल में उपचार नहीं किया। अब दिल्ली में इलाज चल रहा है। उन्होंने सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, मंडलायुक्त ने पत्रकार वार्ता में कहा जिले में उन्हें सबसे अच्छा महिला अस्पताल लगा है। अस्पताल की सुविधाएं किसी निजी चिकित्सालय से कम नहीं है। इसका लाभ महिलाओं को मिल रहा है।