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ठंड से बच्चों पर आफत: बागपत में निमोनिया से मासूम की मौत, 20 से ज्यादा हुए बीमार, चिकित्सक दे रहे ये सलाह

Sat, 04 Jan 2025 10:54 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

सर्दी का सितम बढ़ता जा रहा है। सर्दी के कारण बच्चों पर सबसे ज्यादा आफत आ गई है। बागपत जनपद में सर्दी के कारण एक बच्ची की माैत हो गई जबकि 20 से ज्यादा बीमार हैं।
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सर्दी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ठंड ने पिछले कई दिनों से हालत खराब की हुई है और सबसे ज्यादा बच्चों पर आफत आ गई है। बागपत जनपद में ठंड के कारण हुए निमोनिया से लहचौड़ा गांव में तीन माह के बच्ची की मौत हो गई तो गांव में बीस से अधिक बच्चे बीमार है। वहीं जिला अस्पताल में भी सौ से अधिक बच्चे निमोनिया से पीड़ित पहुंच रहे है और चिकित्सक उनका उपचार करने के साथ ही परिजनों को बचाव की सलाह दे रहे हैं।
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लहचौड़ा निवासी महंत ने बताया कि उनकी तीन माह की पोती माधव की कई दिन पहले ठंड के कारण तबीयत खराब हो गई। जिसका उपचार रटौल में एक निजी चिकित्सक के यहां चल रहा था। बताया कि बच्ची को ठंड लगने से निमोनिया हो गया और आराम नहीं लगने के कारण बच्ची की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। वहीं गांव में 20 से अधिक बच्चे निमोनिया से पीड़ित है। बताया कि स्वास्थ्य केंद्र जर्जर पड़ा हुआ है। इससे ग्रामीणों को खेकड़ा, गाजियाबाद व दिल्ली आदि स्थानों पर पहुंचकर उपचार कराना पड़ता है। ग्रामीणों से स्वास्थ्य विभाग से शिविर लगाने के साथ स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ की तैनाती करने की मांग की।

फेफड़ों पर वायरस का हमला, बच्चों को ज्यादा समस्या
ठंड बढ़ने के साथ फेफड़े पर वायरस का हमला तेज हो गया है। जिला अस्पताल में आने वाला निमोनिया का लगभग हर तीसरा मरीज इस कारण ही बीमार है। इन दिनों कई प्रकार के वायरस बच्चों को वायरल निमोनिया का शिकार बना रहे हैं और इस कारण ही निमोनिया से पीड़ित करीब 100 बच्चों को उपचार के लिए परिजन अस्पताल में लेकर पहुंच रहे हैं।

चिकित्सकों के अनुसार एंटीबाॅयोटिक दवा से ही वायरल निमोनिया का इलाज किया जा रहा है। निमोनिया के मरीज के लिए पांच दिन का एंटीबायोटिक दवा का कोर्स होता है। बैक्टीरियल निमोनिया के लिए ब्लड कल्चर समेत अन्य प्रकार की जांच होती है, लेकिन वायरल निमोनिया का एक्सरे देखकर इसका पता लगाते हैं।
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चिकित्सक दे रहे ये सलाह
जिला अस्पताल में पहुंच रहे बच्चों को ठंड से बचाव की चिकित्सक सलाह दे रहे है। सीएमओ डॉ तीरथलाल ने बताया कि बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाए और घर से बाहर लेकर न निकले।
 
सांस व हृदय रोग के बढ़ रहे मरीज
जिला अस्पताल में ठंड के कारण जहां बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। वहीं सांस व हृदय रोगी बढ़ रहे है। यहां सांस के करीब 90 और हृदय रोग के 110 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक उनका उपचार करने के बाद बचाव की सलाह दे रहे है। साथ ही गर्म कपड़े पहनने और अलाव के पास बैठने की सलाह देते है।
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