काठा गांव में नाव हादसे के बाद सीओ बागपत का गायब चल रहा वायरलेस सेट अभी तक नहीं मिला है। पुलिस ने पांच लोगों को नामजद करते और 60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के आधार पर उनकी पहचान शुरू कर दी है।
नाव हादसे में 19 सवारियों की मौत के बाद ग्रामीणों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर शवों को रखकर जाम लगा दिया था। इसे लेकर भारी बवाल हुआ था। वाहनों में तोड़फोड़ कर एक गाड़ी में आग लगा दी गई थी। दरोगा अमन सिंह ने तहरीर दी कि कुछ लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए तहसीलदार बागपत, पीएसी समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
बाल संरक्षण अधिकारी की गाड़ी को पलटकर उसमें आग लगा दी गई। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। इसमें कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार, बागपत एसडीएम के अर्दली वीर सिंह उर्फ बोबी समेत कई घायल हुए। उनका अस्पताल में उपचार हुआ।
सीओ का वायरलेस सेट भी गायब हो गया। मामले में गांव के ही कालू उर्फ कृष्णपाल पुत्र सुभाषचंद, कालू पुत्र वेदपाल, डाक्टर विवेक पुत्र सतपाल, वकील पुत्र ननुआ, संजीव उर्फ नीटू को नामजद करते हुए करीब 60 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
ये हुए घायल
1. बागपत सीओ दिलीप सिंह
2. कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार
3. एसडीएम अर्दली वीरसिंह
4. एचसीपी भगवत प्रसाद
5. कांस्टेबल सतीश सिंह
6. महिला कांस्टेबल सुमन
7. शव वाहन का चालक मनोज
8. जिला अस्पताल के वार्ड ब्वाय राकेश कुमार
यह हुआ नुकसान
बाल संरक्षण अधिकारी की गाड़ी में आग लगाई।
तहसीलदार बागपत की गाड़ी में की तोड़फोड़।
शव वाहन में की गई तोड़फोड़।
पीएसी की गाड़ी में की तोड़फोड़।
सीओ का वायरलेस सेट गायब हुआ।
नाविक रिजवान की तलाश में पुलिस
बृहस्पतिवार को काठा गांव में हुए नाव हादसे में नाविक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गांव के चौकीदार सलाऊद्दीन की तहरीर पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोपी नाविक रिजवान निवासी बागपत का रहने वाला है।
हादसे के बाद से वह फरार हो गया है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है। हालांकि अभी तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस का कहना है कि नाविक की गिरफ्तारी के लिए हर संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। शीघ्र ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।