बागपत। सीएम पोर्टल ने पीड़ा कम करने की योजना बनाई, अफसरों ने उसको ही पीड़ादायक बना दिया। सीएम पोर्टल पर होने वाली शिकायतों का फर्जी तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। मृतकों को जिंदा दिखाकर बयान दर्ज करके शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है।
बड़ौत की शिकायत में निस्तारण करने के लिए खेकड़ा के व्यक्ति के बयान लगा दिए तो मेवला गांव में श्मशान घाट में हैंडपंप न होने के बाद भी हैंडपंप लगा होने की रिपोर्ट लगाकर निस्तारण किया जा रहा है। अधिकारी व कर्मचारी बिना बयान लिए ही शिकायत का निस्तारण करके सीएम पोर्टल की स्थिति खराब कर रहे हैं। किरठल गांव में जिंदा व्यक्ति सीताराम को मृतक दिखा दिया था, जबकि वह जिंदा है। सीताराम की मृतक पत्नी को जिंदा दिखाकर उनके बयान दर्ज कर रमाला पुलिस ने अपनी रिपोर्ट लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया। इतना ही नहीं पुलिस ने सीताराम की बेटी सुखदर्शन को बेटा दिखाकर रिपोर्ट लगाई है। इसके बाद सुखदर्शन ने डीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।
मेवला गांव निवासी सुनील मेवला ने श्मशान घाट में हैंडपंप लगाने के लिए मुख्यमंत्री आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। सहायक विकास अधिकारी ने शिकायत कर फर्जी तरीके से निस्तारण करते हुए श्मशान घाट में हैंडपंप लगा होने की बात कहते हुए अपनी रिपोर्ट लगा दी। सुनील ने डीएम व मंत्री से शिकायत की है। बामनौली गांव के नरेंद्र तोमर ने प्लॉट पर कब्जा हटाने की आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। बड़ौत राजस्व विभाग के कर्मी न मौके पर गए और न ही उनसे बात की और फर्जी तरीके से शिकायत का निस्तारण कर दिया। नरेंद्र तोमर ने डीएम से शिकायत कर मामले की जांच कराकर फर्जी निस्तारण करने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बड़ौत में बुढ़ाना रोड पर डूडा की काॅलोनी बनी है। आवास में रहने वाली महिला नीतू ने काॅलोनी में मूलभूत सुविधा नहीं मिलने पर आईजीआरएस पर शिकायत की थी। डूडा के अधिकारियों ने शिकायत का फर्जी निस्तारण कर दिया। निस्तारण में महिला से बात तक नहीं हुई। रिपोर्ट में पाठशाला रोड निवासी गजराज के बयान अंकित कर दिए। (संवाद)