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नागरिकों ने विरोध कर रोका हाईवे का निर्माण

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कंपनी के खिलाफ नारेबाजी कर 11-11 मीटर पर सड़क का निर्माण कराने की मांग की
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संवाद न्यूज एजेंसी
अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। कस्बे के लोगों ने मंगलवार को विरोध कर मेरठ-बागपत हाईवे का निर्माण कार्य रोक दिया। उन्होंने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी कर 11-11 मीटर पर सड़क का निर्माण कराने की मांग की। इसके बाद उन्होंने एडीएम से समस्या का समाधान कराने की मांग की।
कंपनी के कर्मचारियों ने कस्बे में मंगलवार को मेरठ-बागपत हाईवे निर्माण के लिए समाधि के पास खुदाई का कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही भाकियू युवा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में मौके पर पहुंचे कार्यकर्ताओं और दुकानदारों ने निर्माण का विरोध कर कार्य बंद करा दिया। उन्होंने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि समस्या का समाधान न होने तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सड़क के दोनों ओर 11-11 मीटर पर ही निर्माण कार्य कराने और अधिक भूमि लेने पर मुआवजे की मांग की। इसके बाद उन्होंने एडीएम से मिलकर समस्या का समाधान कराने की मांग की। एडीएम ने लोगों को समस्या का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसमें डॉ. सुनील अग्रवाल, विजय मानव, आलोक, मनोज, अश्वनी, विकास, अयूब, ताहिर, अवध कुमार, सुमित वर्मा, मोहित आदि मौजूद रहे।
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क्या है मामला
मेरठ-बागपत हाईवे निर्माण के लिए कंपनी ने सड़क के मध्य से दोनों ओर सड़क निर्माण के लिए 13-13 मीटर पर निशानदेही की है, जबकि नागरिक 11-11 मीटर पर सड़क का निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि सरकारी अभिलेखों में 10 मीटर के बाद उनका कब्जा है। 13 मीटर पर हाईवे का निर्माण होने पर लगभग 250 मकान, दुकान और एक मंदिर हाईवे की जद में आ रहे हैं। मांगों को लेकर पूर्व में कस्बे में नागरिकों ने 15 दिनों तक धरना दिया था। विधायक योगेश धामा और एसडीएम अनुभव सिंह ने लोगों को 11 मीटर पर सड़क का निर्माण कराने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था।
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भूमि के आधार पर मुआवजा तय करने की मांग
अग्रवाल मंडी टटीरी। कस्बे किसानों का प्रतिनिधिमंडल पूर्व सभासद चौधरी अजय कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को एडीएम अमित कुमार सिंह ने मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कहा दिल्ली देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर में जाने वाली भूमि अधिग्रहण की सुनवाई के लिए 29 जून नियत की थी, परंतु किसानों को पांच जुलाई को नोटिस मिला और सुनवाई नहीं हो पाई। एडवोकेट मनोज आर्य ने कहा कि व्यावसायिक जमीन को कृषि भूमि में दर्शाया गया है। उन्होंने भूमि के आधार पर मुआवजे के रेट तय करने की मांग की। इस मौके पर ठाकुर सुरेश चंद्र, मीनू उर्फ नीरज चौधरी, राजेंद्र सिंह ठेकेदार आजि मौजूद रहे। संवाद
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