बागपत। लोकसभा चुनाव के दौरान रालोद नेताओं ने पार्टी के संस्थापक व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. चौधरी अजित सिंह की छपरौली में प्रतिमा अनावरण को लेकर खूब राजनीति की। मगर आठ महीने से अजित सिंह की प्रतिमा पॉलिथीन बांधकर खड़ी की गई है। इस प्रतिमा का अनावरण नहीं हो रहा है। पिता चौधरी चरण की जयंती पर भी छोटे चौधरी की प्रतिमा बाहर निकलती नहीं दिख रही है। छपरौली को चौधरी परिवार का गढ़ कहा जाता है और यहां के लोग इस परिवार से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की छपरौली कर्मभूमि रही है तो वहां से आज तक चौधरी परिवार व उनकी पार्टी के ही विधायक बने हैं। इसलिए ही लोकसभा चुनाव की रैलियों की शुरूआत 12 फरवरी को पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह की जयंती पर छपरौली से करने की रालोद ने तैयारी की थी। जहां रैली के दिन ही चौधरी अजित सिंह की 1200 किलो की प्रतिमा का अनावरण होना था।
उस समय चौधरी जयंत सिंह इंडिया गठबंधन का हिस्सा थे और मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में इंडिया गठबंधन के कई बड़े नेताओं को आने के लिए बुलावा दिया गया था। मगर इस बीच ही रालोद का भाजपा से गठबंधन हो गया और प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम को टाल दिया गया। अब आठ महीने से ज्यादा का समय बीत गया है और छोटी चौधरी कहे जाने वाले अजित सिंह की प्रतिमा अभी तक पॉलिथीन में बंद है।
यह माना जा रहा था कि दिसंबर में चौधरी चरण सिंह की जयंती से पहले उनकी प्रतिमा को पॉलिथीन से बाहर निकाल दिया जाएगा। मगर, चौधरी साहब की जयंती पर भी छोटे चौधरी की प्रतिमा पॉलिथीन से नहीं निकलेगी।