सतपाल के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे बीएसए और चेयरमैन।
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बागपत में खिंदौड़ा गांव के स्कूल में प्रधानाध्यापक सतपाल शर्मा की हत्या की दहशत बच्चे और उनके अभिभावकों में सोमवार को दिखाई दी। स्कूल में कोई भी बच्चा नहीं पहुंचा। अध्यापक खुद उन्हें बुलाने पहुंचे तो अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पूरी तरह से इंकार कर दिया।
खिंदौड़ा गांव के आदर्श प्राथमिक विद्यालय में 23 अप्रैल को सुबह पौने दस बजे प्रधानाध्यापक सतपाल शर्मा की सरेआम गोली मारकर हत्या की। उस समय स्कूल में तीन टीचर और 26 बच्चे मौजूद थे। बाइक सवार तीन बदमाशों ने लंच के समय वारदात को अंजाम दिया था। उस समय कुछ बच्चे कमरे में थे तो कुछ बाहर खेल रहे थे।
गोली की तड़तड़ाहट होते देखकर बच्चों ने कमरों के अलावा कुर्सी, मेज के नीचे छिपकर जान बचाई थी। कई बच्चों ने प्रधानाध्यापक को गोली लगते देखा था। वारदात के बाद अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल से लेकर चले गए थे। तभी से बच्चे दहशत में है। रात के समय बच्चे सो भी नहीं पा रहे है। स्कूल का नाम लेते ही बच्चे चिल्लाने लगते है।
सोमवार को निर्धारित समय पर स्कूल खुला, लेकिन वहां पर एक भी बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा। स्कूल के शिक्षक खुद बच्चों को बुलाने के लिए उनके घर पर गए। अभिभावकों ने शिक्षकों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने से मना कर दिया। शिक्षक दीपक ने कहा स्कूल में बच्चे नहीं आए है। उन्हें बुलाने उनके घर पर गए, लेकिन उनके अभिभावकों ने कह दिया कि बच्चे अभी काफी डरे हुए हैं। वे फिलहाल अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
मामला संज्ञान में है। इस संबंध में गांव में पहुंचकर बच्चों के अभिभावकों को समझाया जाएगा। अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की जाएगी। - धीरेंद्र कुमार याद, बीएसए।