बागपत। चीनी के बिल पर धोखाधड़ी से लाखों रुपये कीमत के चावल को दिल्ली में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने चेकिंग के दौरान कैंटर को पकड़ा। जांच की तो कैंटर में राशन का चावल मिला। जिला आपूर्ति अधिकारी ने इस मामले में संलिप्त तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे पर स्थित सरूरपुर कलां गांव में शुक्रवार को पुलिस की गाड़ी पर तैनात पुलिस कर्मी वाहनों की जांच कर रहे थे। बड़ौत की ओर से कैंटर वाहन आता दिखाई दिया। इसे रोका गया। कैंटर में भरे सामान की जांच की। चालक युनुस ने बताया कि जय ज्वाला ट्रेडर्स नवीन मंडी खतौली जिला मुजफ्फरनगर से चीनी भरकर दिल्ली ले जा रहा था। इसका बिल पुलिस को दिखाया। शक होने पर एक-दो बोरो को खुलवाकर देखा तो उसमें चीनी नहीं, चावल भरा हुआ था। पुलिसकर्मियों ने इसकी जानकारी संबंधित अफसरों को दी।
अफसरों ने जिला आपूर्ति अधिकारी चमन शर्मा को मामले से अवगत कराया। उन्होंने चावल को देखा जो सरकारी राशन का मिला। चालक किसी भी तरह से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। उन्होंने कोतवाली बागपत में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जय ज्वाला ट्रेडर्स खतौली जिला मुजफ्फरनगर, कैंटर मालिक महमूद, चालक युनुस निवासी बाछौड थाना बड़ौत के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। राशन का चावल पकड़े जाते ही जिला आपूर्ति विभाग का पूरा अमला मौके पर पहुंच गया। जांच की जा रही है कि बिल में चावल की जगह चीनी क्यों दिखाई गई। जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि कैंटर में मिले राशन के चावल की बाजार रेट के अनुसार सवा दो लाख रुपये कीमत है। अनुमान है कि राशन डीलरों से चावल उठाया होगा।