मुजफ्फरनगर। उद्यमी सत्यप्रकाश रेशू ने कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह का वह पूरा सम्मान करते हैं। सर्कुलर रोड पर लगाए गए कंपनी के यूनिपोल पर कुछ लोगों ने चौधरी चरण सिंह का नाम लिख दिया। महापुरुष के साथ ही कुछ लोग जाट समाज को विवाद में घसीटना चाहते हैं। यूनिपोल हमारी कंपनी का है, इसकी अनुमति ली जानी चाहिए थी।
परिक्रमा मार्ग स्थित आवास पर रेशू ने कहा कि बचपन में वह भी भारत रत्न से मिले हैं। वह किसी एक समाज के नहीं, बल्कि सर्वसमाज के मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत रहे। कुछ लोग महापुरुषों के आदर्शों पर अतिक्रमण का प्रयास कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। 23 दिसंबर को चौक पर कार्यक्रम हुआ, जिसमें उन्हें लेकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया। एक यूनिपोल सरकारी है और एक उनकी एजेंसी का है। इस तरह का अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। प्रकरण में वह समाज के लोगों से मिले हैं। उन्हें चौक के नामकरण से आपत्ति नहीं है लेकिन यूनिपोल पर कब्जा नहीं किया जाना चाहिए था।
यह भी सुझाव दिया कि पीनना बाईपास, मेरठ रोड समेत अन्य स्थानों का नाम भारत रत्न के नाम पर किया जाना चाहिए। इस मौके पर कृष्णगोपाल मित्तल, सुनील तायल, शालू सैनी, सुरेंद्र मोहन अग्रवाल एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
क्या था मामला : सपा विधायक पंकज मलिक के प्रस्ताव पर पालिका ने परिक्रमा मार्ग स्थित चौराहे का नाम चौधरी चरण सिंह चौराहा किया गया है। इसके नजदीक लगे यूनिपोल पर चौधरी चरण सिंह का नाम लिखे जाने को लेकर विवाद हो गया है।
जाट महासभा का कहना है कि उन्होंने यूनिपोल की कीमत चुकाने का भी आश्वासन दिया था।