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परीक्षाएं रद्द होने से मालामाल हुआ सीबीएसई व यूपी बोर्ड

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बड़ौत (बागपत)। दसवीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं रद्द होने से सीबीएसई और यूपी बोर्ड मालामाल हो गया है। सीबीएसई बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन व परीक्षाओं के नाम पर हाईस्कूल में प्रति छात्र 2000 व इंटरमीडिएट में प्रति छात्र 2800 रुपये वसूले थे, वहीं यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल के छात्रों से 550 व इंटरमीडिएट में प्रति छात्र से 650 रुपये तक परीक्षा शुल्क के रूप में वसूले थे। परीक्षा रद्द होने से दोनों बोर्ड कई प्रकार के खर्चे उठाने से बच गया है। अब बोर्ड को न तो पेपर चेकिंग के पर्यवेक्षकों को शुल्क देना होगा और न ही उत्तर पुस्तिकाओं को एकत्रित कर मूल्यांकन सेंटर पर पहुंचाने का खर्च उठाना होगा। ऐसे में अकेले जनपद बागपत से हजारों छात्रों से करीब पांच करोड़ रुपये वसूल चुके दोनों बोर्ड की चांदी हो गई है।
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ये वसूला गया शुल्क
सीबीएसई बोर्ड : हाईस्कूल के आठ हजार छात्रों से दो हजार रुपये प्रति छात्र के हिसाब से एक करोड़ 60 लाख और इंटरमीडिएट में छह हजार छात्रों से 2800 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से एक करोड़ 68 लाख रुपये शुल्क लिया गया था। यानी कुल तीन करोड़ 28 लाख रुपये वसूले गए थे।
यूपी बोर्ड : हाईस्कूल के 14072 छात्रों से 550 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से 77 लाख 39 हजार छह सौ रुपये और इंटरमीडिएट के 12649 छात्रों से 650 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से 82 लाख 21 हजार 850 रुपये शुल्क के रूप में लिए गए है। इसके अलावा कक्षा नौ में शामिल होने वाले 6903 छात्रों से 50 रुपये प्रति छात्र शुल्क के हिसाब से तीन लाख 45 हजार व कक्षा 11वीं के 468 छात्रों से 23400 रुपये वसूल चुका है। यानी एक करोड़ 63 लाख 29 हजार 850 रुपये वसूले है।
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दोनों बोर्डों ने ये वसूली गई धनराशि
सीबीएसई और यूपी बोर्ड बोर्ड ने परीक्षा शुल्क के नाम पर छात्र-छात्राओं से कुल चार करोड़ 91 लाख 29 हजार 850 रुपये वसूले है।
कहां-कहां होता है खर्च
- परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र और आंसरसीट प्रिंट करवाना।
- अधीक्षक, उप अधीक्षक सहित परीक्षा पर तैनात स्टाफ को मानदेय देना।
- पेपर चेकिंग के लिए पर्यवेक्षकों को मानदेय देना।
- पेपरों को परीक्षा केंद्रों पर छोड़ना और वापस लाना।
- रिजल्ट तैयार करने के लिए तैनात स्टाफ को मानदेय देना।
- इसके अलावा अन्य प्रकार के खर्च।
परीक्षाएं रद्द हुई हैं, लेकिन प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं प्रिंट हुई है या नहीं, इसकी जानकारी बोर्ड के अलावा किसी को नहीं है। शुल्क वापसी होगी या नहीं, इस संबंध में शासन स्तर से ही निर्णय लिया जाएगा। - सर्वेश कुमार, डीआईओएस।
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परीक्षा रद्द हो चुकी है। काफी शुल्क छात्रों से लिया गया है। सीबीएसई की ओर से कोई शुल्क वापस नहीं किया जाएगा। - रचना जौहर, जिला कोआर्डिनेटर, सीबीएसई।
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