उन्होंने सत्यपाल मलिक के परिवार का कोई भी व्यक्ति यहां नहीं रहने की बात कही और यहां केवल एक पुश्तैनी हवेली बताई गई। उस पुश्तैनी हवेली में स्वर्गीय सत्यवीर सिंह, स्वर्गीय जगदीश सिंह, स्वर्गीय विजेंद्र सिंह, स्वर्गीय बुद्ध सिंह के हिस्से थे। इनमें से बुद्ध सिंह का हिस्सा उनके बेटे सत्यपाल मलिक के पास चार कमरे के रूप में मिले हैं। उन चार कमरों की तलाशी शुरू की गई, जिसमें दो कमरे भूतल और दो प्रथम तल पर थे। वह कमरे खाली मिले और उन चारों कमरों में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। इसलिए वहां से कुछ जब्त नहीं किया गया।
इस तरह हुई अलग-अलग पूछताछ
सीबीआई ने परिवार में चचेरे भाई सतबीर मलिक उर्फ हिटलर से पूछा कि सत्यपाल मलिक की कितनी संपत्ति है। वह कहां-कहां है, उनकी सभी संपत्ति दिखाओ। जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि उनकी केवल पुश्तैनी हवेली में चार कमरे हैं। परिवार के चाचा बिजेंद्र मलिक से पूछा कि सतपाल मलिक के कौन-कौन से कमरे हैं। जिनकी छानबीन की गई।
सतपाल मलिक के परिवार के भतीजे मनीष से सीबीआई ने पूछा कि परिवार में कौन-कौन हैं। वह यहां कब कब आते हैं और गांव में अन्य जमीन भी है क्या। इस पुश्तैनी हवेली में चार कमरों के अलावा कभी कुछ रहा है या नहीं। जिसके बाद मनीष ने फोन पर सत्यपाल मलिक से बात की तो उन्होंने कहा कि टीम को सभी कमरे खोलकर दिखा दिए जाएं। इसके बाद सभी कमरों के ताले खोलकर दिखा दिए।
कांग्रेस ने ट्वीट करके बदला लेने को छापा लगवाने की बात कही
कांग्रेस की तरफ से पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घरों पर सीबीआई छापा लगने को लेकर कांग्रेस ने ट्वीट किया। इसमें कहा गया कि यह बदला लेने की नीयत से की गई कार्रवाई है। वह लगातार सच बोलकर पीएम मोदी की कलई खोल रहे हैं। पुलवामा हमले से लेकर किसान आंदोलन तक उनके खुलासे हैरान करने वाले हैं। इससे घबराए तानाशाह ने अपनी एजेंसी उनके पीछे लगाई है, तानाशाह डरा हुआ है। वहीं, किसान मजदूर संगठन के उपाध्यक्ष अन्नु मलिक व आम आदमी पार्टी के पउप्र संयोजक सोमेंद्र ढाका ने इसे तानाशाही बताते हुए विरोध जताया है।
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