खेकड़ा (बागपत)। पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में सीबीआई की टीम ने बुधवार को जिला कारागार में पहुंचकर जांच जारी रखी। जेल अधिकारियों से मामले की जानकारी ली।
बसपा के पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के मामले में झांसी से बागपत जेल में शिफ्ट किए गए मुन्ना बजरंगी की नौ जुलाई 2018 की सुबह बागपत जेल में हत्या कर दी गई थी। तत्कालीन जेलर यूपी सिंह ने सजायाफ्ता सुनील राठी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। लापरवाही उजागर होने पर जेलर यूपी सिंह, डिप्टी जेलर और दो मुख्य बंदी रक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया था। मृतक मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने जौनपुर के पूर्व बसपा सांसद धनंजय सिंह पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। लेकिन पुलिस जांच में धनंजय सिंह को क्लीन चिट मिल गई थी। पुलिस ने सुनील राठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सीमा सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। फरवरी माह में सीबीआई जांच के आदेश कोर्ट ने दिए थे। सीबीआई की टीम ने डिप्टी एसपी अरुण रावत के नेतृत्व में बुधवार को भी जिला कारागार में जांच की। तन्हाई बैरक में छानबीन की। इसके अलावा जेल अधिकारियों से बातचीत की। जिस सेफ्टी टैंक से पिस्टल बरामद हुआ था, उसकी जानकारी ली।