ष्ड़ौत। पशुओं में प्रजनन क्षमता की कमी व पेट तथा बाहरी हिस्सों में होने वाले कीड़ों से जल्द निजात मिलेगी। प्रदेश में पहली बार पशुपालन विभाग खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान से पहले डिवॉर्मिंग अभियान चलाएगा। इसके तहत पशुपालन विभाग की टीम घर-घर जाकर पशुओं को पेट व बाहरी कीड़ों की दवा देगी। साथ ही इसका प्रतिदिन डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। जनपद में 19 जून से यह अभियान शुरू हो रहा है। इसके लिए पशुपालन विभाग की टीम दवा लेने लखनऊ गई हुई है।
पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनपद में गोवंशीय की संख्या करीब 1.5 लाख व भैंसवंशीय पशुओं की संख्या करीब 3.5 लाख है। पशुपालन विभाग हर साल खुरपका व मुंहपका रोग के खिलाफ टीकाकरण कराता है। इससे पूर्व पशुपालन विभाग प्रदेश में पहली बार डिवॉर्मिंग अभियान चलाएगा। इसके तहत टीम पहली बार घर-घर जाकर पशुओं को पेट व बाहरी कीड़ों की दवा देगी।
पहली बार प्रदेश में लागू हुई डिवॉर्मिंग योजना
पशुपालन विभाग बरसात शुरू होने से पहले खुरपका-मुंहपका रोग के खिलाफ टीकाकरण अभियान चलाता है। इससे पूर्व पशुओं को पेट व बाहरी कीड़ों की दवा घर-घर जाकर दी जाएगी। अब तक यह दवा पशु चिकित्सालय पर ही दी जाती थी।
दूर होगी पशुओं में कमजोरी
पशुपालन विभाग का मानना है कि टीकाकरण से पहले इन दवा के सेवन से पशुओं के स्वास्थ्य, उत्पादन क्षमता, प्रजनन क्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही पशुओं को रोगों से लड़ने की शक्ति मिलेगी। इतना ही नहीं उनमें कमजोरी भी दूर होगी। संवाद
पहली बार शुरू हुई योजना
पशुपालन विभाग ने पहली बार यह योजना लागू की है। खुरपका-मुंहपका अभियान से पहले योजना के तहत पशुपालन विभाग की टीम घर-घर जाकर पशुओं के पेट के कीड़ों की दवा के साथ बाहरी कीड़ों की दवा भी देगी।-डॉ. रमेश चंद्रा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी