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कैश ने सर्दी में कराया गर्मी का अहसास  

Sun, 11 Dec 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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बागपत के शौकत मार्किट में एटीएम पर हंगामा कर रहे लोगो को समझाता पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
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बागपत। ठिठुरती सर्दी में कैश की आस लिए लोग एटीएम की लाइन लगे रहे। किसी को रुपये मिले और कोई मायूस होकर लौटा। शहर के एक ही एटीएम से लोगों को कैश मिल रहा था। भीड़ तड़के लगनी शुरू हो गई जो शाम तक जारी रही। कुछ स्थानों पर लोगों ने हंगामा किया। पुलिस कर्मियों ने उन्हें शांत किया। 
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बैंकों के अवकाश ने लोगों को सर्दी में गर्मी का अहसास करा दिया। एटीएम के बाहर जो लाइन सुबह थी वो शाम तक नजर आई। शहर में एक ही एटीएम से कैश निकल रहा था। सुबह छह बजे लोग लाइन में लगने शुरू हो गए थे। दोपहर बाद लगातार भीड़ बढ़ती चली गई। महिलाएं भी धक्कामुक्की करते हुए लाइन में लगीं। एटीएम के बाहर लगे कर्मचारियों ने दो-दो लोगों को कैश निकालने के लिए अंदर घुसने दिया। इसमें पुलिसकर्मियों ने भी सहयोग किया। थोड़ी-थोड़ी देर में लाइन में लगे लोगों ने शोर-शराबा और हंगामा भी किया। तीन दिन तक लोगों के लिए सिर्फ एटीएम का ही सहारा है। बैंक बंद होने के कारण लोग एटीएम पर पहुंच रहे हैं।  

एक एटीएम से निकला जेब खर्च, बाकी के शटर डाउन
बागपत। नोटबंदी से गांव-गांव और शहर-शहर में नकदी का संकट है। बैंकों की तो भरमार है, लेकिन कैश नहीं मिल रहा। अवकाश के दिन में हालत बद से बदतर हो गए। शहर में 18 से अधिक बैंक हैं, लेकिन एक ही एटीएम से जेब खर्च के लिए लोगों को कैश मिला। कोई टेक्निकल खराबी से बंद रहे तो किसी में कैश नहीं था। शहर की शौकत मार्केट में एसबीआई के एटीएम में भीड़ रही। वहीं सभी एटीएम के शटर बंद रहने से लोग नकदी के लिए भटकते रहे। बंद शटर का लोग खुलने का इंतजार देखते रहे। कोई खुश हुआ तो हताश होकर घर लौटा। एसबीआई के एटीएम से ही लोगों को थोड़ी राहत मिली।  
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रसोई में भी जाने को नहीं करता मन, गड़बड़ा गया बजट
बागपत। नोटबंदी से जहां अर्थ व्यवस्था गड़बड़ा गई है, वहीं लोगों का बजट भी बिगड़ गया है। महिलाओं की रसोई में विराना छा गया है। घरों का कामकाज छोड़ बैंक और एटीएम की लाइन में लगने को मजबूर होना पड़ गया है। जॉब करनी वाली महिलाएं भी परेशान हो र्गइं। घर के साथ-साथ ऑफिस के कार्य भी प्रभावित हो रहा है। अवकाश में तो हालत काबू में ही नहीं रहे। 

छपरौली क्षेत्र के सिनौली गांव निवासी इरशादा ने कहा नोटबंदी से हालत खराब हो गई। रसोई का बजट बिगड़ गया है। रोजमर्रा का भी सामान समय पर नहीं खरीदा जा रहा है। बैंकों का अवकाश होने से स्थिति ओर भी खराब हो सकती है। एटीएम से कैश नहीं मिलने से परेशानी हुई।  जिला अस्पताल में तैनात स्टाप नर्स मंजू चौधरी ने कहा रात को नौकरी करते हैं और दिन में एटीएम और बैंकों की लाइन में लगने को मजबूर होना पड़ है। घर के साथ-साथ विभागीय कार्य करने में दिक्कत पहुंच रही है। हालत पूरी तरह खस्ता हो गई है। सरूरपुर कलां गांव निवासी नीलम ने बताया कि बैंकों के एटीएम में कैश नहीं है।

पहले बड़ौत घंटो एटीएम की लाइन में लगी, लेकिन कैश नहीं मिला। उसके बाद बागपत आकर एसबीआई के एटीएम में कैश लेने को मजबूर होना पड़ा। अब तो रसोई में भी जाने को मन नहीं करता है। अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी सुमन रूहेला ने बताया रसोई का हिसाब-किताब गड़बड़ा गया है। बैंक और एटीएम से कैश नहीं मिल रहा है, जिस कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र सरकार को बैंकों में पर्याप्त कैश पहुंचाना चाहिए। 

पे-टीएम से दिया भतीजी की शादी में भात
बागपत। एटीएम की लाइन में धक्का-मुक्की करते हुए लोग लाइन में लगे, वहीं शहर निवासी युवक अभिषेक कौशिक ने अपनी भतीजी की शादी में पे-टीएम से भात देकर सभी को चौका दिया। विवाह समारोह में यह चर्चा का विषय बना रहा है। शहर की गायत्रीपुरम निवासी अभिषेक कौशिक ने बताया कि उसकी बहन की शादी खेकड़ा में हुई थी। शनिवार को उसकी भतीजी रश्मि की शादी थी। परिवार के लोगों ने भात में देने के लिए अन्य सामान की व्यवस्था की हुई थी। उसने कैशलेस के माध्यम से भात में पे-टीएम के माध्यम से 11 हजार का भात दिया। बताया कि अवकाश के कारण एटीएम में भीड़ के चलते उसने यह रास्ता निकाला। शादी समारोह में कैशलेस के माध्यम से दिए गए भात चर्चा का विषय रहा।
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