मामले की सूचना पर विद्यालय पहुंची पुलिस।
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ढिकौली गांव के प्राथमिक विद्यालय में तीन बच्चों ने अपने ही तीन सहपाठी बच्चों को पानी में पेशाब मिलाकर पिला दिया। एक बच्चे की हालत बिगड़ी तो मामले का पता चला। शुक्रवार को अभिभावकों ने हंगामा किया तो पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। प्रधानाचार्य और बच्चों से पूछताछ की गई। बच्चों ने अपने पिता के मोबाइल में यूट्यूब पर देखकर ऐसा किया। इसमें दूसरे वर्ग के बच्चों को पेशाब वाला पानी पिलाने को कहा गया। प्रधानाध्यापक युद्धवीर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने वैमनस्य फैलाने के आरोप में बच्चों के पिता को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस मामले में एक मौलवी का नाम भी सामने आ रहा है।
विद्यालय में हंगामा करते परिजन और पहुंची पुलिस।
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ढिकौली गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो के प्रधानाध्यापक युद्धवीर सिंह निवासी खेड़की ने बताया कि बृहस्पतिवार को पता चला कि विद्यालय में कक्षा दो और तीन में पढ़ने वाले तीन बच्चों ने अपने साथ पढ़ने वाले तीन बच्चों को पानी की बोतल में पेशाब करके उसे पिला दिया। पीड़ितों दो भाई-बहन भी शामिल हैं। तब प्रधानाध्यापक ने ऐसा करने वाले छात्रों के परिजनों से शिकायत की और उनको शुक्रवार को विद्यालय में आने के लिए कहा गया। इस बीच बृहस्पतिवार शाम को ही एक बच्चे की हालत बिगड़ गई तो उसने अपने परिजनों को पूरे मामले के बारे में बता दिया।
स्कूल में मिली बोतल
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शुक्रवार को छात्रों के अभिभावकों ने विद्यालय में आकर हंगामा किया और पेशाब पिलाने वाले छात्रों व उनको इस तरह की बात सिखाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसको लेकर काफी देर तक विद्यालय में हंगामा हुआ। दोनों पक्षों के छात्रों को अभिभावकों को साथ बुलाकर पूछताछ की गई तो कक्षा दो के एक छात्र ने पेशाब पिलाने की बात कबूल कर ली। बच्चे ने कहा कि उसने अपने अब्बू के मोबाइल में यूट्यूब पर वीडियो देखने के बाद यह काम किया। वीडियो में कहा गया कि दूसरे वर्ग के बच्चों को पेशाब वाला पानी पिलाना है।
प्रधानाध्यापक ने बच्चों के मन में नफरती बातें फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। उधर, हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी विद्यालय पहुंचकर घटना पर रोष जताया और कार्रवाई की मांग की। एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि प्रधानाध्यापक की शिकायत पर उस छात्र के पिता के खिलाफ दो समुदायों के बीच नफरत फैलाकर माहौल बिगाड़ने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसके मोबाइल में यूट्यूब पर वीडियो देखी गई थी।
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छात्र बोला, जिस बोतल में पानी पी रहे थे, उसमें झाग उठ रहे थे
प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में पढ़ने वाले तीन छात्रों को पिछले दो दिन से पानी में पेशाब पिलाया जा रहा था। इस कारण ही बृहस्पतिवार को उसकी हालत बिगड़ गई और निजी चिकित्सक में उसका उपचार कराया गया। अभिभावकों के पूछने पर छात्र ने बताया कि विद्यालय में जिस बोतल में उसने पानी पिया, उसमें झाग उठ रहे थे। पुलिस ने पानी की बोतल कब्जे में ले ली, जिसकी जांच कराई जाएगी। जांच में यह भी पता चला कि जिस समय पानी की बोतल में पेशाब डाला, उस समय एक छात्र कमरे के बाहर खड़े होकर पहरेदारी भी कर रहा था।
प्रधानाध्यापक बोले, भारत माता की जय की जगह अल्लाह हू अकबर के नारे लगाए
प्रधानाध्यापक युद्धवीर सिंह ने यह भी बताया कि जिन छात्रों ने पानी की बोतल में सहपाठी को पेशाब मिलाकर पिलाया। वे 15 अगस्त को पहले एक मस्जिद में कुर्ता-पजामा पहनकर व टोपी लगाकर गए थे। उसके बाद विद्यालय में आकर भारत माता की जय बोलने की जगह अल्लाह हू अकबर के नारे लगाए। इसकी वीडियो भी बनाई गई थी, लेकिन बच्चे होने की वजह कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि गांव में कोई तो ऐसा व्यक्ति है, जो छोटे-छोटे बच्चों को ऐसी बात बता रहा है या फिर घर में ऐसी बातें होती हैं। इस मामले में एक मौलवी का नाम सामने आ रहा है।
ये बोले एसपी
जांच में पता चला कि पेशाब पिलाने वाले बच्चे ने अपने पिता के मोबाइल में इस तरह की वीडियो यूट्यूब पर देखी, क्योंकि उसका पिता भी ऐसी वीडियो देखता रहता है। बच्चे के पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस प्रकरण में अभी जांच की जा रही है। जिसकी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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सूरज कुमार राय, एसपी