बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से आने वाले बेबस मजदूरों का कारवां उमड़ रहा है। अब तक 2385 कामगार पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से एक हजार लोगों को पूर्वांचल के जिलों में भेज दिया गया है। डीएम शकुंतला गौतम के निर्देशन में मेडिकल, भोजन और परिवहन की व्यवस्था की गई।
शनिवार को सोनीपत से बागपत जिले की सीमा में हरियाणा रोडवेज की बसों से मजदूरों को भेजा गया। पंजीकृत मजदूरों की संख्या 2385 है, जबकि सैकड़ों मजदूर पैदल ही बढ़े आ रहे हैं। डीएम शकुंतला गौतम, एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव, एडीएम अमित कुमार सिंह, एसडीएम राजपाल सिंह, सीओ खेकड़ा दिलीप सिंह, सीओ सदर ओमपाल सिंह, सीएचसी अधीक्षक डॉ विभाष राजपूत, एआरएम योगेंद्र पाल सिंह और इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने प्रवासियों के मेडिकल, परिवहन और स्क्रीनिंग की व्यवस्था कराई। एआरएम योगेंद्र पाल सिंह का कहना है कि दोपहर तक 16 बसें रवाना की जा चुकी है। प्रवासियों के लिए 85 बसों का इंतजाम किया गया है।
खूब खाई ठोकरें, नया सुभानपुर ने दिया सहारा
बागपत। नरेला से सीतापुर के लिए चले 57 मजदूरों की जिंदगी के पिछले दो दिन ठोकरें खाने में बीते। नरेला की औद्योगिक एरिया से दिल्ली, गाजियाबाद पहुंचे, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें वापस भेज दिया। किसी तरह बागपत की सीमा में पहुंचे। यहां बॉर्डर के गांव नया सुभानपुर के ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए इन्हें स्कूल में रुकवाया। मजदूरों के लिए भोजन का इंतजाम किया। ग्रामीणों की हिम्मत से मजदूरों को कुछ सुकून मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को उन्हें सीतापुर तक छुड़वाने का इंतजाम करना चाहिए।
यमुना के किनारों पर पुलिस तैनात
बागपत। यमुना के रास्ते मजदूरों का आवागमन रोकने के लिए किनारों पर पुलिस तैनात कर दी गई है। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार का कहना है कि सोनीपत प्रशासन के माध्यम से जो मजदूर भेजे जा रहे हैं, उन्हें स्क्रीनिंग कर घरों तक भेजने की व्यवस्था की जा रही है। यमुना के रास्ते आना खतरे से खाली नहीं है, इसलिए रोका जा रहा है।
किसानों की आवाजाही पर भी नजर
बागपत। हरियाणा में रोजाना किसानों की आवाजाही पर भी पुलिस की नजर है। यमुना पार करने वाले किसानों का ब्योरा भी एकत्र किया जा रहा है।
काम छूट गया, भूख सताने लगी तो लौट रहे गांव
चांदीनगर। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर प्रवासी मजदूरों का चलना जारी। सरफाबाद के समीप एकत्र हुए 300 मजदूर को ग्रामीणों ने खान पान की व्यवस्था की। इन मजदूरों को पुलिसकर्मी प्रशासन के आदेश तक रोके हुए है। बिहार निवासी अविनाश कुमार, सागर, गुड्डू, बलराम आदि ने बताया की वह रेवाड़ी में एक कंपनी मे काम करते है। लॉकडाउन बढ़ने के कारण जब भूखे मरने की नौबत आई तो वह पैदल ही अपने गांवों के लिए निकल लिए। पूर्व प्रधान राजेश शर्मा, श्याम सिंह आदि खानपान की व्यवस्था किए हुए है। वहीं एक्सप्रेस वे पर तैनात एसआई दिनेश पीलियान ने बताया की सभी को एक्सप्रेस वे के समीप रोका गया है। आदेश मिलते ही सभी को क्वारंटाइन सेंटर भेजा जायेगा।