बागपत के दोघट में हाईकोर्ट के आदेश पर बामनौली गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया में शनिवार को कब्जा परिवर्तन की कार्य शुरू हो गया। चकबंदी विभाग ने ट्रैक्टर लगाकर सेक्टर बनाने शुरू किया और खेतों में किसानों ने डोल बंदी करनी शुरू कर दी है। कुछ किसानों ने इस आपत्ति जाहिर की है कि चकबंदी विभाग ने मनमानी कर गलत तरीके से सेक्टर निकाले हैं। जबकि यह मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है।
बामनौली गांव में 1982 में चकबंदी प्रक्रिया शुरू हुई थी। किसानों ने चकबंदी अधिकारियों पर गलत तरीके से चक काटने का आरोप लगा न्यायालय में चले गए थे। यह मामला काफी लंबे समय तक न्यायालय में चला। 2015 में हाई कोर्ट ने गांव में चकबंदी प्रक्रिया को पूर्ण कर कब्जा परिवर्तन की कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए थे।
जब अधिकारी गांव में चकबंदी करने पहुंचे तो किसानों ने उन्हें कार्रवाई नहीं करने दी। कई बार अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा था। अप्रैल 2016 में न्यायालय ने एक माह में चकबंदी पूर्ण करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर डीएम बागपत के नेतृत्व में चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने गांव में चकबंदी शुरू की।
इसके विरोध में किसान भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। बाद में डीएम बागपत ने किसानों की मांगों को मान भूख हड़ताल खत्म की थी।
डेढ़ माह से चकबंदी विभाग के अधिकारी, पीएसी, पुलिस बल गांव में डेरा डाले हैं। पिछले महीने हाईकोर्ट ने फिर से कब्जा परिवर्तन कराने के आदेश जारी किए।
शनिवार को चकों की पैमाइश का कार्य किया। कई जगह कब्जा परिवर्तन का कार्य शुरू किया। चकबंदी विभाग के एसओसी लाल बहादुर, सीओ चकबंदी डीके सिंह, तहसीलदार बड़ौत राज बहादुर सिंह, नायब तहसीलदार नसीम अहमद, कानूनगो कृष्णपाल सिंह समेत पीएसी और पुलिस बल गांव में तैनात है। चकबंदी विभाग ने ट्रैक्टर लगाकर सेक्टर बनाने का कार्य शुरू कर दिया है और किसानों ने अपने खेतों में डोल बंदी करनी शुरू कर दी।
क्या बोले ग्रामीण
पूर्व प्रधान महीपाल सिंह, मास्टर महेंद्र सिंह ने बताया सेक्टर निकालने की कार्रवाई शुरू की, वह जबरदस्ती की जा रही है। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जिला प्रशासन इसे जबरन निकाल रहा है। उन्होंने बताया चकबंदी में बहुत सारी खामियां हैं।
दूसरों से भी मंगाई टीम
कब्जा परिवर्तन के लिए चकबंदी विभाग की आसपास के जिलों से भी टीम बुलाई। बामनौली के आसपास ही इनके ठहरने की व्यवस्था की। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने बताया हाईकोर्ट के आदेश के पालन में कब्जा परिवर्तन की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की ओर से किसानों की सुविधा का ख्याल रखा जाएगा।
बिजरौल में पुलिस का कैंप
कब्जा परिवर्तन को लेकर कई बार विरोध हो चुका है। पिछले महीने ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। इस बार प्रशासन ने पुलिस के अलावा अतिरिक्त पीएसी बल भी तैनात किया, लेकिन प्रशासन ने पुलिस और पीएसी को सीधे गांव में न ले जाकर बिजरौल के इंटर कॉलेज में रोका हुआ है। प्रशासन ने कहा जरूरत पड़ने पर ही फोर्स का मूवमेंट कराया जाएगा।