बागपत-दिल्ली मार्ग पर कैंटर से बच्चें की मौत के बाद विलाप करते परिजन
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बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित रीवर पार्क के पास कैंटर ने किशोर को कुचल दिया। उसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। उधर, पाली गांव के पास ट्रक पलटने से चार लोग घायल हो गए। घायलाे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बागपत की कश्यप कालोनी निवासी रेखा पत्नी बबलू अपने बेटे सावन (10) के साथ शुक्रवार शाम खेत से लौट रही थी। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित रिवर पार्क के पास दिल्ली की ओर से तेज गति से आ रहे कैंटर ने किशोर को कुचल दिया। वहां पर लोग इकट्ठे हो गए। वे उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया। वहां पर ले जाते समय उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। आरोपी चालक कैंटर में शादी का सामान लेकर लोनी से बड़ौत जा रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी चालक को कैंटर सहित पकड़ लिया।
इसके अलावा पानीपत के लोग ट्रक में सवार होकर खेकड़ा से सामान लेने के लिए जा रहे थे। जैसे ही ट्रक पाली गांव के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रहे वाहन को बचाने के चक्कर में ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। ट्रक में सवार नितिन, अभिषेक, ओमकार और चरणजीत घायल हो गए। घायल चरणजीत की हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने उसको मेरठ के लिए रेफर कर दिया।
खतरे से खाली नहीं ट्रेन का सफर
अग्रवाल मंडी टटीरी। दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों में सफर करना खतरे से खाली नहीं है। यहां कब क्या वारदात हो जाए, कोई नहीं जानता। पत्थरबाजी, छेड़छाड़ और मारपीट की घटना तो आम हो गई है। इस कारण ट्रेन में सफर करने से महिला यात्री कतराने लगी हैं। इस मार्ग पर कुल 27 ट्रेन चलती हैं। इनमें दो जनता और अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन हैं। रेल मार्ग और अधिकांश ट्रेनों की हालत खस्ता है। ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के भी इंतजाम ज्यादा ठीक नहीं है। बृहस्पतिवार शाम चलती ट्रेन पर खुराफातियों ने अलावलपुर गांव के पास पथराव किया। इसमें शबगा गांव का गौरव नाम का यात्री घायल हुआ था। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस खुराफातियों को गिरफ्तार करना तो दूर उनका पता भी नहीं लगा पाई है। मामले की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं हुई है। तीन माह पूर्व अहेड़ा स्टेशन के पास मोबाइल छीनने के विरोध करने पर युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले कई बार महिला और युवतियों के साथ ट्रेन में छेड़छाड़ हो चुकी है। ऐसे में महिलाएं तो रात को सफल करने से कतराती हैं। बड़ौत जीआरपी थानाध्यक्ष अजय पंवार का कहना है कि ट्रेन पर पत्थर फेंकने वालों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।